8th Pay Commission का बड़ा खेल! ₹18,000 से सीधा ₹54,000 सैलरी? सरकार के सामने आया ऐसा कैलकुलेशन जिसने बढ़ाई हलचल

3 सदस्य वाले परिवार के खर्च का पूरा हिसाब सामने, कर्मचारियों की मांग—कम से कम ₹54,000 हो बेसिक सैलरी

नई दिल्ली: 8th Pay Commission को लेकर केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के बीच बड़ी बहस शुरू हो गई है। कर्मचारी संगठन न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹54,000 और 3.0 फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। अगर यह मांग मान ली जाती है, तो मौजूदा ₹18,000 की न्यूनतम बेसिक सैलरी करीब तीन गुना तक बढ़ सकती है।

कर्मचारी संगठन Federation of National Postal Organisations (FNPO) ने इस संबंध में National Council Joint Consultative Machinery (NC-JCM) को एक मेमोरेंडम भेजा है। इसमें 8वें वेतन आयोग के लिए 3.0 से 3.25 के बीच फिटमेंट फैक्टर तय करने की सिफारिश की गई है।

8th Pay Commission फिटमेंट फैक्टर क्या होता है?

फिटमेंट फैक्टर वह गुणक होता है, जिसके आधार पर सरकारी कर्मचारियों की पुरानी बेसिक सैलरी को बढ़ाकर नई सैलरी तय की जाती है।

वेतन आयोगफिटमेंट फैक्टर
Sixth Central Pay Commission1.92
Seventh Central Pay Commission2.57
प्रस्तावित (8वां)3.0 – 3.25

अगर 3.0 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो मौजूदा ₹18,000 की बेसिक सैलरी बढ़कर करीब ₹54,000 तक पहुंच सकती है।

8th Pay Commission: न्यूनतम वेतन तय करने का आधार

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि न्यूनतम वेतन तय करने के लिए 15th Indian Labour Conference के मानकों को आधार बनाया जाता है। इसमें कर्मचारियों के परिवार की जरूरी जरूरतों के आधार पर वेतन का आकलन किया जाता है।

इसके लिए एक खपत टोकरी (Consumption Basket) बनाई जाती है, जिसमें रोजमर्रा की जरूरी चीजें शामिल होती हैं।

उदाहरण के तौर पर मासिक खर्च

  • आटा/चावल – ₹3,180

  • दालें – ₹938

  • फल – ₹1,185

  • दूध – ₹1,571

  • मीट – ₹2,646

  • अंडे – ₹886

  • खाने का तेल – ₹672

  • मोबाइल और इंटरनेट – ₹1,483

  • एलपीजी – ₹1,108

  • कपड़े – ₹1,190

इन सभी खर्चों को जोड़ने पर आधार खपत करीब ₹19,940 आती है।

इसके बाद

  • ईंधन, बिजली और पानी (30%) – ₹6,066

  • विवाह, मनोरंजन, त्योहार, चिकित्सा (30%) – ₹7,886

  • हाउसिंग खर्च (7.5%) – ₹2,563

  • स्किल कंपोनेंट (25%) – ₹9,184

इन सबको मिलाकर 3 सदस्य वाले परिवार के लिए न्यूनतम वेतन करीब ₹45,918 आता है, जिसे राउंड ऑफ करके ₹46,000 माना गया है।

8th Pay Commission: परिवार यूनिट 3 से 5 करने की मांग

Federation of National Postal Organisations का कहना है कि आज के समय में कर्मचारी अक्सर माता-पिता की जिम्मेदारी भी उठाते हैं, इसलिए परिवार की यूनिट 3 से बढ़ाकर 5 की जानी चाहिए।

अगर ऐसा होता है तो न्यूनतम बेसिक सैलरी का अनुमान ₹76,000 से ज्यादा तक पहुंच सकता है।

8th Pay Commission: क्यों हो रही 3.0 फिटमेंट फैक्टर की मांग

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि कोविड के बाद चिकित्सा, शिक्षा और घर के खर्च तेजी से बढ़े हैं। इसलिए वेतन तय करते समय इन कारकों को ध्यान में रखना जरूरी है।

FNPO ने अपनी सिफारिश में कहा है कि:

  • न्यूनतम बेसिक वेतन ₹54,000 तय किया जाए

  • फिटमेंट फैक्टर कम से कम 3.0 रखा जाए

  • आवास खर्च 7.5% से कम न हो

  • वेतन में 25% स्किल कंपोनेंट अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए

अगर ये सिफारिशें मान ली जाती हैं, तो 8वें वेतन आयोग में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है, जिससे लाखों कर्मचारियों की आय में बड़ा बदलाव आ सकता है।

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