तमिलनाडु में ‘थलापति तूफान’! 234 सीटों पर उतरने जा रही TVK, क्या हिल जाएगा DMK का किला?

मामल्लापुरम की रैली से बड़ा धमाका, अकेले मैदान में सुपरस्टार Thalapathy Vijay—चार कोनों में बंटा चुनाव, सियासत में बढ़ी बेचैनी

तमिलनाडु की राजनीति में 27 मार्च का दिन एक बड़े सियासी भूचाल का संकेत दे रहा है, जहां अभिनेता से नेता बने Thalapathy Vijay अपनी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam के जरिए चुनावी मैदान में अब तक का सबसे बड़ा दांव खेलने जा रहे हैं। मामल्लापुरम में आयोजित विशाल रैली के मंच से पार्टी राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान करने की तैयारी में है, जिससे पारंपरिक राजनीति में अचानक हलचल तेज हो गई है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विजय ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी किसी भी बड़े दल—चाहे वह DMK हो, AIADMKBJP या Congress—के साथ गठबंधन नहीं करेगी। यह फैसला तमिलनाडु की राजनीति को सीधे दो ध्रुवों से निकालकर चार तरफा मुकाबले में बदल चुका है, जिससे हर पार्टी की रणनीति पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।

मामल्लापुरम की इस रैली को सिर्फ उम्मीदवारों के ऐलान तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे विजय के राजनीतिक विजन के बड़े प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। चर्चा यह भी है कि Thalapathy Vijay खुद चेन्नई की पेरम्बूर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। उनके निशाने पर खासतौर पर युवा और पहली बार वोट देने वाले मतदाता हैं, जिनके बीच उनकी लोकप्रियता किसी लहर से कम नहीं मानी जा रही।

इस पूरे घटनाक्रम ने सत्तारूढ़ DMK की चिंता बढ़ा दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि TVK का उदय सीधे तौर पर DMK के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगा सकता है। राज्य में अगर एंटी-इंकंबेंसी की लहर मौजूद रही, तो उसका फायदा विजय को मिल सकता है, खासकर वह युवा वर्ग जो बदलाव की तलाश में है और अब पारंपरिक दलों से हटकर एक नए चेहरे की ओर देख रहा है।

वहीं चुनावी समीकरण को और दिलचस्प बना रही है Naam Tamilar Katchi की मौजूदगी, जिसने पहले ही अपने वोट शेयर से पहचान बना ली है। ऐसे में अगर Tamilaga Vettri Kazhagam 8 से 10 प्रतिशत वोट भी हासिल कर लेती है, तो यह सीधे सत्ता के गणित को बिगाड़ सकता है और त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति पैदा कर सकता है।

चुनाव 23 अप्रैल को प्रस्तावित हैं और उससे पहले ही सियासी तापमान चरम पर पहुंच चुका है। उम्मीदवारों की घोषणा के अगले दिन से विजय अपने तूफानी प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे, जिसमें चेन्नई के हाई-प्रोफाइल इलाकों से लेकर राज्य के अन्य हिस्सों तक रैलियों की झड़ी लगने वाली है। सवाल अब यही है कि क्या पर्दे का यह सुपरस्टार असली सियासत में भी वही जादू दिखा पाएगा, या फिर यह दांव तमिलनाडु की राजनीति में एक नया लेकिन अधूरा अध्याय बनकर रह जाएगा।

 

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