रांची। झारखंड प्रदेश शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने शिक्षा सचिव को ज्ञापन सौंपकर शिक्षा और शिक्षकों के समस्याओं के निराकरण की मांग की है। अपने ज्ञापन में झारखंड प्रदेश शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने कहा है कि राज्य में लगभग सभी विद्यालय में शिक्षकों की कमी है। किसी स्कूल में 1, किसी में दो तो किसी में सिर्फ 3 शिक्षकों के ही भरोसे पढ़ाई कार्य किया जा रहाहै। इससे ना सिर्फ शिक्षक मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं, बल्कि छात्रों को भी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है। ज्ञापन में शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने कहा है कि प्रदेश के सभी स्कूलों में RTE के मानक के नियमों के अनुरूप शिक्षक व छात्र का अनुपात काफी कम है। शिक्षकों की कमी की वजह से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रहा है।

मोर्चा ने प्रदेश संयोजक विजय बहादूर सिंह, अमीन अहमद, मंगलेश्वर उरांव और प्रेम प्रसाद राणा के अलावे प्रवक्ता अरूण कुमार दास ने संयुक्त रूप से कहा है कि स्कूलों में पेयजल, शौचालय, खेल का मैदान जैसी सुविधाओं का भी अभाव है। उन्होंने कहा कि राज्य के शिक्षक प्रतिकूल परिस्थितियों में प्रतिदिन अपने मोबाइल फोन से बायोमेट्रिक मोड में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए अपने विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों के द्वारा किए जाने वाले गैर शैक्षणिक दिशा निर्देशों का पालन करते हैं।

मोर्चा ने शिक्षा सचिव से कहा है कि झारखंड सेवा के अधिकार अधिनियम 2011 राज्य में लागू होने के उपरांत भी शिक्षकों को मासिक वेतन विपत्र, सेवा पुस्तिका का सत्यापन, वार्षिक वेतन वृद्धि, अर्जित अवकाश, मातृत्व अवकाश, पितृत्व अवकाश, चिकित्सा अवकाश, भविष्य निधि से अग्रिम प्रतियोगिता परीक्षा और शैक्षणिक उन्नयन हेतु अनुमति समेत अन्य कार्यो को कराने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने शिक्षकों द्वारा सेवा शर्तों के अनुरूप वर्षों से लंबित प्रधानाध्यापक समेत सभी ग्रेडों में पदोन्नति और अंतर जिला स्थानांतरण सहित नियमित स्थानांतरण शुरू करने की मांग की है। वहीं छठे वेतनमान के अनुरूप उत्क्रमित वेतनमान में वेतन निर्धारण कराने की अनुशंसा अन्य कर्मचारियों के समान एमएसीपी का लाभ देते हुए विभागीय शिक्षकों की सेवानिवृत्ति उम्र 60 से 62 वर्ष करने, योजना मद में नियुक्त ऊर्दू शिक्षकों को अन्य शिक्षकों के समान गैर योजना मद में सामंजन करें। नयी शिक्षक नियुक्ति नियमावली में शिक्षकों को वेतनमान शिक्षा में गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए वर्तमान सहायक शिक्षकों के समान वेतनमान ग्रेड 4200 किया जाये।

स्थाई शिक्षक नियुक्ति होने तक घंटी आधारित शिक्षक एवं अनुबंध पर लिपिक की नियुक्ति करने की मांग की भी शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने की है। वहीं शिक्षकों के गैर शैक्षणिक कार्य पर प्रतिबंध लगाते हुए शिक्षकों के मूलभूत अधिकार अपने छात्रों को उत्तीर्ण और अनुत्तीर्ण करने की मांग की गयी है। साथ ही स्कूलों की तर्ज पर अन्य विभागों में भी बायोमीट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य करने और सभी विद्यालयों में गुणवत्ता पूर्ण टेबलेट उपलब्ध कराने की मांग की गयी है।