शिक्षक नियुक्ति मामला : हाई कोर्ट ने शिक्षकों को दी बड़ी राहत, बहाली का रास्ता हुआ साफ…HC में सरकार की याचिका खारिज

रांची। वर्ष 2015 में कक्षा एक से पांच तक में नियुक्त स्नातक प्रशिक्षित प्रारंभिक शिक्षकों की पुनर बहाली का रास्ता साफ हो गया है। झारखंड हाइकोर्ट ने कक्षा एक से पांच में कला विषय के पद पर बहाल कॉमर्स शिक्षकों को हटाने के मामले में एकल पीठ के आदेश को चुनौती देनेवाली राज्य सरकार की 14 अपील याचिकाएं खारिज कर दी. साथ ही एकल पीठ के आदेश को सही ठहराते हुए बरकरार रखा.
मामले में हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति एस चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य सरकार की ओर से दायर 14 अलग-अलग अपील पर सुनवाई करते हुए इसे खारिज कर दिया। एकल पीठ ने हटाये गये शिक्षकों को फिर से बहाल करने का निर्देश दिया था, जिसके खिलाफ राज्य सरकार ने हाइकोर्ट में अपील दाखिल की थी।ये शिक्षक कॉमर्स ग्रेजुएट थे।
वर्ष 2015 में इनकी नियुक्ति ग्रैजुएट ट्रेंड टीचर के रूप में राजकीय मध्य विद्यालय में हुई थी।राज्य सरकार ने उन्हें वर्ष 2016 में यह कहते हुए इन्हें हटा दिया कि कला (आर्ट्स) विषय के लिए कॉमर्स ग्रेजुएट का अपॉइंटमेंट शिक्षक के रूप में नहीं हो सकता है। जिसके बाद वर्ष 2016 में याचिकाकर्ताओं ने हाइकोर्ट की एकल पीठ में याचिका दाखिल की थी।एकल पीठ ने वर्ष 2019 में इनकी याचिका को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को इनकी फिर से बहाली करने का निर्देश दिया था. एकल पीठ के आदेश का अनुपालन नहीं होने पर याचिकाकर्ताओं ने हाइकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की थी।इस पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से हुए कहा गया था कि इन्हें वापस ले रहे हैं, लेकिन मामले में दायर एलपीए के फलाफल पर इनकी नियुक्ति निर्भर करेगी।सोमवार को सरकार की अपील खारिज होने पर याचिकाकर्ताओं के फिर से बहाली का रास्ता साफ हो गया।









