पटना। BPSC पेपर लीक मामले में अब कई DSP और डिप्टी कलेक्टर पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। पेपर लीक मामले में जांच कर रही आर्थिक अपराध ईकाई ने 12 से ज्यादा पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की लिस्ट है, जिनका मामले से कहीं ना कहीं जुड़ाव रहा है। खबर है कि अलग-अलग जगहों पर बड़े-बड़े पदों पर तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से जल्द ही आर्थिक अपराध ईकाई पूछताछ कर सकती है। कुछ जानकार तो ये भी बता रहे हैं कि कईयों से पूछताछ शुरू भी हो गयी है।

जानकारी के मुताबिक BPSC की 56वीं, 59वीं और 63वीं परीक्षा में पास कर अधिकारी बने ज्यादातर DSP और डिप्टी कलेक्टरों से पूछताछ हो रही है। आपको बता दें कि BPSC पेपर लीक मामले में कुछ दिन पहले ही EOU ने डीएसपी रंजीत कुमार रजक को गिरफ्तार किया था। इसके बाद ही शक का दायरा बढ़ गया। अब EOU ने बीपीएससी से संदिग्ध परीक्षार्थियों की मेंस की कापी मांगी है। कहा जा रहा है कि संदिग्ध अफसरों को मेंस काफी अच्छा नंबर मिला है। जबकि इंटरव्यू में इनके काफी कम नंबर थे।

लिहाजा, कापी के जरिये परीक्षार्थियों की जांच की जा रही है। शक है कि इन परीक्षार्थियों को अलग से कापी देकर लिखवाया  गया। जाहिर है अगर ये मामला सच साबित हुआ तो बीपीएससी खुद भी संदेह के दायरे में आ जायेगा, क्योंकि बिना अधिकारियों की सहभागिता से ऐसा संभव नहीं हो सकता।  बीपीएसी पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने जेडीयू नेता और रामशरण सिंह इवनिंग कॉलेज के प्रिंसिपल शक्ति कुमार को गिरफ्तार किया था. शक्ति कुमार ने पूछताछ नें डीएसपी रंजीत कुमार रजक का नाम लिया था. जिसके बाद डीएसपी रंजीत रजक को गिरफ्तार किया गया है. डीएसपी रंजीत रजक के दो भाई भी बिहार सरकार के अधिकारी है. जबकि उनके बहनोई डीएसपी हैं.

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