देश के सबसे बड़े बैंक में हड़ताल का एलान…क्या 2 दिन बंद रहेंगे बैंक? चेक करें तारीख…जानिए किन तारीखों पर ठप पड़ सकता है बैंकिंग सिस्टम

देश के सबसे बड़े बैंक में उबाल, कर्मचारियों की 16 मांगों ने बढ़ाया तनाव, ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank of India (SBI) से जुड़ी एक खबर ने ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है। बैंक कर्मचारियों द्वारा दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के ऐलान ने बैंकिंग सेवाओं पर संभावित असर को लेकर आशंकाएं पैदा कर दी हैं। अगर हालात नहीं सुधरे, तो मई के अंत में बैंकिंग सिस्टम पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है।

बताया जा रहा है कि एसबीआई के श्रमिक वर्ग के कर्मचारी 25 और 26 मई 2026 को काम बंद रखेंगे। हालांकि, इन दिनों बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे या नहीं, इस पर अब तक स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है। लेकिन जिस तरह से हालात बन रहे हैं, उससे ग्राहकों के बीच असमंजस और चिंता दोनों बढ़ गई हैं।

इस हड़ताल का आह्वान All India State Bank of India Staff Federation (AISBISF) ने किया है। फेडरेशन का आरोप है कि कर्मचारियों की कई अहम मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है और समझौतों को सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा।

2 मई 2026 को एसबीआई चेयरमैन को भेजे गए नोटिस में फेडरेशन ने साफ किया है कि यह हड़ताल Industrial Disputes Act, 1947 के तहत की जाएगी। नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि तय तारीखों में कोई अवकाश पड़ता है, तो हड़ताल 27 मई तक बढ़ सकती है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।


क्या हैं 16 सूत्रीय मांगें, जिनसे भड़का विवाद?

फेडरेशन का कहना है कि कर्मचारियों के अधिकारों को लगातार कमजोर किया जा रहा है। दशकों के संघर्ष से मिली सुरक्षा व्यवस्था अब धीरे-धीरे खत्म की जा रही है।

मुख्य मांगों में संदेशवाहकों और सशस्त्र गार्डों की भर्ती, पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति और स्थायी पदों पर आउटसोर्सिंग पर रोक शामिल है। इसके अलावा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से जुड़ी चिंताएं और 2019 के बाद भर्ती कर्मचारियों के ट्रांसफर से जुड़े मुद्दे भी विवाद की बड़ी वजह बने हुए हैं।

AISBISF ने अपने पत्र में चेतावनी भरे अंदाज में कहा है कि स्थायी नौकरियों को चुपचाप खत्म किया जा रहा है और उनकी जगह अस्थायी रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों का भविष्य असुरक्षित हो रहा है।


ग्राहकों के लिए क्यों बढ़ी चिंता?

अगर यह हड़ताल पूरी तरह से प्रभावी रही, तो नकद निकासी, चेक क्लियरेंस और अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में ग्राहकों को पहले से ही अपने जरूरी काम निपटाने की सलाह दी जा रही है।

हालांकि बैंक प्रबंधन की ओर से अब तक कोई अंतिम प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन हालात जिस दिशा में बढ़ रहे हैं, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर पड़ सकता है।

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