SAI हॉस्टल में सन्नाटा और सदमा…सुबह की ट्रेनिंग पर नहीं पहुंचीं… दरवाजा टूटा तो दिखा खौफनाक मंजर…दो नाबालिग खिलाड़ी….

नई दिल्ली/कोल्लम। केरल के कोल्लम में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के हॉस्टल से गुरुवार सुबह एक ऐसी खबर सामने आई, जिसने पूरे खेल जगत को झकझोर कर रख दिया। हॉस्टल के एक कमरे में दो नाबालिग लड़कियों की मौत की खबर मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों युवा खिलाड़ी कमरे में मृत अवस्था में पाई गईं।
घटना सुबह करीब 5 बजे सामने आई, जब अन्य ट्रेनी लड़कियां रोज़ की तरह ट्रेनिंग के लिए निकलने लगीं, लेकिन ये दोनों कहीं नजर नहीं आईं।
कौन थीं ये दोनों खिलाड़ी?
मृतक लड़कियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
सैंड्रा (17 वर्ष), कोझिकोड जिले की रहने वाली, एथलेटिक्स की ट्रेनी और कक्षा 12 की छात्रा
व्यष्णवी (15 वर्ष), तिरुवनंतपुरम जिले की निवासी, कबड्डी खिलाड़ी और कक्षा 10 की छात्रा
दोनों SAI हॉस्टल में रहकर खेल प्रशिक्षण के साथ पढ़ाई भी कर रही थीं।
एक कमरे में क्यों थीं दोनों?
जानकारी के मुताबिक, दोनों का हॉस्टल में अलग-अलग कमरा था, लेकिन बुधवार रात व्यष्णवी, सैंड्रा के कमरे में रुक गई थीं। यह बात किसी को असामान्य नहीं लगी, क्योंकि खिलाड़ी आपस में अक्सर ऐसा कर लेती थीं।
सुबह जब नहीं खुला दरवाजा…
गुरुवार सुबह जब दोनों ट्रेनिंग सेशन के लिए नहीं पहुंचीं, तो अन्य हॉस्टल साथियों को चिंता हुई।
कई बार दरवाजा खटखटाया गया
अंदर से कोई जवाब नहीं मिला
आखिरकार हॉस्टल अधिकारियों ने दरवाजा तोड़कर अंदर झांका—और जो दृश्य सामने आया, उसने सभी को स्तब्ध कर दिया।
मौके पर पसरा सन्नाटा
कमरे के अंदर दोनों लड़कियां मृत अवस्था में मिलीं। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
कोल्लम ईस्ट पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार—
कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है
बुधवार रात और गुरुवार तड़के दोनों को हॉस्टल में देखा गया था
उसके बाद क्या हुआ, यह अभी रहस्य बना हुआ है
जांच के घेरे में हॉस्टल और ट्रेनिंग सिस्टम
पुलिस अब—
हॉस्टल में रहने वाली अन्य खिलाड़ी
कोच और ट्रेनर्स
दोनों लड़कियों के परिजन
सभी के बयान दर्ज करेगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।
पुलिस का कहना है कि अभी यह तय नहीं किया जा सकता कि मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई और कारण है। जांच को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।
खेल जगत में शोक की लहर
दो होनहार खिलाड़ियों की अचानक मौत से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं—
क्या खिलाड़ियों पर मानसिक दबाव ज्यादा है?
क्या हॉस्टल और ट्रेनिंग सिस्टम में पर्याप्त काउंसलिंग की व्यवस्था है?
क्या नाबालिग खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति पर पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है?
मानसिक स्वास्थ्य सहायता जरूरी है
यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव, अवसाद या किसी परेशानी से जूझ रहा है, तो मदद उपलब्ध है—
टोल फ्री हेल्पलाइन (Tele MANAS): 1800-891-4416
केंद्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट:
telemanas.mohfw.gov.in
समय पर बात करना और मदद लेना जिंदगी बचा सकता है।

















