सिविल सर्जन को शो कॉज, हटाए गए प्रभारी डीएस , फूड प्वाइजनिंग मामले में DC का बड़ा एक्शन

कोडरमा : फूड प्वाइजनिंग मामले में ड्यूटी से डॉक्टर के गायब रहने व देर से बीमार लोगों का इलाज शुरू होने की बात को कोडरमा डीसी मेघा भारद्वाज ने गंभीरता से लिया है. इस मामले में सदर अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को देखते हुए डीसी के आदेश पर तत्काल प्रभाव से जहां प्रभारी डीएस (उपाधीक्षक) डॉ मनोज कुमार को उनके पद से हटा दिया गया है, वहीं डीसी ने सीएस (सिविल सर्जन) डॉ अनिल कुमार व पद से हटाए गए प्रभारी डीएस डॉ मनोज कुमार से स्पष्टीकरण मांगा है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी.

आपको बता दें कि कोडरमा प्रखंड के के बलरोटांड़ और गोसाईंटोला में गुपचुप व चाट खाने से 70 से अधिक लोग बीमार हो गए. इनके इलाज में भी लापरवाही बरती गयी थी. हालांकि फिलहाल सभी खतरे से बाहर हैं. बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी मिलते ही डीसी मेघा भारद्वाज, एसपी अनुदीप सिंह, डीडीसी ऋतुराज, एसडीओ संदीप कुमार मीणा, सीएस डॉ अनिल कुमार व अन्य पदाधिकारी सदर अस्पताल पहुंचे और बीमार लोगों का हालचाल जाना. इसके साथ ही मौजूद चिकित्सकों को आवश्यक निर्देश दिए.

डीसी मेघा भारद्वाज ने ड्यूटी से नदारद पाए गए चिकित्सक को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्यशैली में सुधार लाने का निर्देश दिया. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के क्रम में कहा कि फूड प्वाइजनिंग से बीमार हुए सभी लोग अ खतरे से बाहर हैं. जब तक वे लोग पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाते तब तक अस्पताल में ही रख कर बेहतर इलाज करने का निर्देश दिया गया है.

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