इंग्लैंड: टीम इंडिया में पिछले कुछ समय से स्टार खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में युवा ब्रिगेड ने अपनी काबिलियत का बेहतरीन नमूना पेश किया है। अपने युवा जोश से उसने भारत ही नहीं विदेशों में भी अपनी प्रतिभा के दम पर जीत हासिल की है। आयरलैंड के खिलाफ 2 टी-20 मैच जीतने के बाद इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम को पहले मैच में 50 रनों के बड़े अंतर से हराकर उन्होंने ये साबित कर दिया है कि उनको कम आंकना गलत होगा। रोहित शर्मा की कप्तानी में विदेशों में यह पहेली जीत है। वे आज होने वाले मैच को जीतकर विदेसी धरती पर पहली व लगातार चौथी सीरीज जितने के मकसद से मैदान पर उतरना चाहेंगे।

दमदार युवा

युवा खिलाड़ी क्रिकेट के इस छोटे प्रारूप में अपना जलवा बिखेर रहे है। चाहे वो दीपक हुड्डा हो या सूर्यकुमार यादव या श्रेयस अय्यर।
दीपक ने अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी से सब को चौका दिया है। उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ 2 मैचों में 151 की औसत से लगभग 175 की स्ट्राइक रेट के साथ 151 रन बनाए थे और इंग्लैंड में पहले मैच में मात्र 17 गेंदों में 33 रनों की अहम पारी खेली थी।
बात करे हार्दिक की तो वे आईपीएल से ही रंग में है। अपनी कप्तानी में टीम को खिताब जीतने के बाद उनका आत्मविश्वास उच्च स्तर पर है। वे टीम में गेंद और बल्ले दोनों से योगदान दे रहे है। वे पिछले मैच में प्लेयर ऑफ द मैच भी रहे थे।
टीम के अन्य सदस्य भी अपनी काबिलियत से योगदान दे रहे है। तथा जीत में छोटी और महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है।

कोहली पर नजरें

कोहली लगभग 5 महीनें बाद टी-20 मैच खेलेंगे। ऐसे में देखना होगा कि क्या वे अपने बैटिंग नम्बर 3 पर ही खेलेंगे या दीपक को इस स्थान पर बरकरार रखा जाता है। अगर ऐसा हुआ तो रोहित के साथ पारी का आगाज कोहली करेंगे और किशन को प्लेइंग इलेवन से बाहर होना पड़ सकता है। विराट को वेस्टइंडीज के साथ होने वाले सीरीज से भी ब्रेक दिया गया है, इसलिए उनके लिए यह सीरीज बहुत ही महत्वपूर्ण है। कोहली कई बार अपनी अहमियत साबित कर चुके है, पर युवा खिलाड़ियों के हौसले बुलंद है। ऐसे में उन्हें अपने चिर परिचित अंदाज़ में फिर से एक बार लौटना होगा।

एजबेस्टन में जीत का इंतजार

टेस्ट के तेरह टी-20 में भी भारत को एजबेस्टन में जीत का सूखा खत्म करना होगा। यहाँ भारत 2014 मे धोनी की कप्तानी में एकमात्र मैच खेला है जिसमे 3 रन से क़रीबी शिकस्त का सामना करना पड़ा था।
बहरहाल, अब टीम के साथ कोहली, पंत, बुमराह, जडेजा , अय्यर भी जुड़ चुके हैं। जिससे टीम में एक सकारात्मक ऊर्जा आयी है और अनुभव और युवा जोश का सामंजस्य स्थापित हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्लेइंग इलेवन में किसकी जगह बरकरार रहती है और कौन प्रदर्शन के बाबजूद आज के मैच से वंचित रहता है ।

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