ट्रेन से उतरते ही खुला खौफनाक राज, काले प्लास्टिक में छिपी 11 करोड़ की ड्रग्स के साथ दो महिलाएं गिरफ्तार
चादरों की तह में छुपाकर लाई जा रही थी खतरनाक खेप, एक चूक और खुल गया पूरा नेटवर्क

सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक आम दिखने वाली ट्रॉली बैग ने करोड़ों की ड्रग तस्करी का राज खोल दिया। राजस्व आसूचना निदेशालय की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 11.4 करोड़ रुपये की क्रिस्टल मेथ जब्त की और इस मामले में दो महिला यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों के मुताबिक यह पूरा ऑपरेशन बेहद सटीक इनपुट पर आधारित था। टीम को पहले ही सूचना मिल चुकी थी कि ट्रेन के जरिए बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ की खेप लाई जा रही है। इसी के बाद स्टेशन पर निगरानी बढ़ाई गई और जैसे ही संदिग्ध महिलाएं ट्रेन से उतरीं, उन्हें तुरंत रोक लिया गया।
तलाशी के दौरान जो सामने आया, उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया। महिलाओं के पास मौजूद ट्रॉली बैग के अंदर 10 पारदर्शी पैकेट मिले, जिनमें सफेद क्रिस्टल जैसा पदार्थ भरा हुआ था। इस ड्रग्स को छिपाने के लिए तस्करों ने बेहद चालाक तरीका अपनाया था। पहले इसे काले पॉलीथीन में लपेटा गया, फिर डिजाइनर पेपर से ढंका गया और आखिर में बेडशीट की तहों के बीच छिपाकर रखा गया, ताकि किसी को जरा भी शक न हो।
मौके पर ही फील्ड ड्रग डिटेक्शन किट से जांच की गई, जिसमें यह पदार्थ एम्फेटामाइन यानी क्रिस्टल मेथ निकला। कुल मिलाकर करीब 11.4 किलोग्राम ड्रग्स जब्त की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 11.4 करोड़ रुपये आंकी गई है।
इस कार्रवाई को संगठित ड्रग तस्करी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस खेप को जब्त कर कई जिंदगियों को खतरे में पड़ने से बचा लिया गया है, खासकर युवाओं को इस जाल में फंसने से रोका गया है।
फिलहाल दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और यह खतरनाक खेप कहां से लाई जा रही थी और कहां पहुंचाई जानी थी।









