बिहार के समस्तीपुर (Samastipur) का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसकी दास्तां सिर्फ आपको दु:खी ही नहीं करेगी, बल्कि ये सोचने पर मजबूर करेगी कि दुनिया में आखिर ये हो क्या रहा है. क्या वाकई हम उस दौर में आ गए हैं, जहां इंसानियत से ऊपर सबकुछ है. जहां संवेदनाओं ने खून में बहना बंद कर दिया है. जहां किसी की मौत, चंद रुपयों के आगे बौनी हो जाया करती है. जहां कोई बाप इतना भी मजबूर हो सकता है कि बेटे के शव के लिए ही भीख मांगनी पड़े ।

ये कहानी सिर्फ बिहार की नहीं, बल्कि सिस्टम की कुव्यवस्था का वो नजारा है, जिसके लिए किसी किसी शहर या जगह की जरूरत नहीं है. बिहार का समस्तीपुर एक ऐसे ही बाप की दर्दभरी कहानी की गवाही दे रहा है. बिहार के समस्तीपुर जिले में पोस्टमार्टम कर्मी द्वारा शव देने के बदले 50 हजार रुपये घूस मांगने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। इस बीच मृतक के पिता महेश ठाकुर बता रहे हैं कि उनका बेटा 25 मई को घर से लापता हो गया। इसके बाद वो भटकते हुए मुसरीघरारी के किसी गांव तक पहुंच गया। चार दिन बाद वो वहीं मर गया।

जांच के बाद होगी कार्रवाई

समस्तीपुर मामले में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा है कि हमने सिविल सर्जन को जांच के आदेश दिए हैं, जांच के बाद जो रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी. दरअसल, बिहार के समस्तीपुर से एक मामला सामने आया था जहां बेटे के शव के लिए पिता से पचास हजार रुपये की मांग की गई थी. जानकारी के अनुसार, महेश ठाकुर का मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटा (25) बीते 25 मई को घर से लापता हो गया था. इसके बाद परिजनों ने उसकी खोजखबर ली लेकिन उसका पता नहीं चला. सात जून को उन्हें जानकारी मिली कि मुसरीघरारी थाना क्षेत्र से एक अज्ञात युवक के शव को पुलिस ने बरामद किया है. जिसके बाद परिजन मुसरीघरारी थाना पहुंचे. थाना से उन्हें जानकारी दी गई कि शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है.

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