भारत-रूस संबंधों पर रूस का बयान, तेल आयात पर रुख बदलने से किया इनकार
Russia's statement on India-Russia relations, denies changing its stance on oil imports

India-Russia Relation एक बार फिर चर्चा में है। रूस ने स्पष्ट किया है कि उसे ऐसा मानने का कोई कारण नहीं दिखता कि भारत ने रूसी तेल की खरीद को लेकर अपना रुख बदला है। मॉस्को का कहना है कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार न केवल आपसी हित में है, बल्कि वैश्विक हाइड्रोकार्बन बाजार में स्थिरता बनाए रखने में भी मददगार है।
रूस का यह बयान अमेरिकी अधिकारियों के उस दावे के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि नई दिल्ली रूसी कच्चे तेल का आयात रोकने पर सहमत हो गई है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा कि मॉस्को को भारत के रुख में किसी बदलाव का संकेत नहीं मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस और भारत के बीच ऊर्जा सहयोग दोनों देशों के हितों की पूर्ति करता है।
ज़खारोवा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि संप्रभु देशों पर शर्तें थोपना उचित नहीं है।
यह घटनाक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप के बीच हुई हालिया टेलीफोन वार्ता के बाद सामने आया। दोनों पक्षों ने भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की थी।
गौरतलब है कि भारत ने अमेरिकी दावों की न तो पुष्टि की है और न ही खंडन किया है। भारत पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि ऊर्जा आयात से जुड़े फैसले राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर ही लिए जाते हैं।









