20 साल बाद संसद में वापसी…प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी…क्या बदलने वाली है बिहार की सियासत?
राज्यसभा में शपथ के साथ नई हलचल, पीएम मोदी की तारीफ के बीच उठे बड़े सवाल—क्या अब बिहार में बदलेगा सत्ता का समीकरण?

देश की राजनीति में शुक्रवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई जब जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेकर करीब 20 साल बाद संसद में वापसी की। इस वापसी को सिर्फ एक औपचारिक कदम नहीं, बल्कि आने वाले समय में बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नीतीश कुमार को बधाई देते हुए उन्हें देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक बताया। उन्होंने लिखा कि अच्छे शासन के प्रति नीतीश कुमार की प्रतिबद्धता हर जगह सराही गई है और बिहार के विकास में उनका योगदान अमिट है। पीएम मोदी के इस बयान ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
राज्यसभा में शपथ ग्रहण का यह समारोह भी खासा अहम रहा। राज्यसभा के चेयरमैन C. P. Radhakrishnan ने अपने चैंबर में उन्हें शपथ दिलाई, जहां केंद्रीय मंत्री J. P. Nadda, वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman और राज्य मंत्री Arjun Ram Meghwal भी मौजूद रहे। इस मौके की मौजूदगी ने इस घटना को और भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया।
लेकिन इस पूरी कहानी का सबसे दिलचस्प और चौंकाने वाला पहलू बिहार की राजनीति से जुड़ा है। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बीजेपी के लिए राज्य में अपना मुख्यमंत्री बनाने का रास्ता साफ हो सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव होगा, क्योंकि अब तक बीजेपी को वहां यह मौका नहीं मिला है।
इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा के उपसभापति Harivansh Narayan Singh को भी बधाई दी, जिन्हें राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने तीसरी बार राज्यसभा के लिए नामित किया है।
नीतीश कुमार की यह वापसी सिर्फ संसद तक सीमित नहीं दिख रही, बल्कि इसके पीछे छिपे सियासी संकेत आने वाले दिनों में बड़े बदलाव का कारण बन सकते हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह कदम बिहार की सत्ता का पूरा खेल बदलने वाला है, या फिर इसके पीछे कोई और बड़ी रणनीति छिपी है?









