नई दिल्ली: केंद्रीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने आज 5 अगस्त, 2022 को द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद नीतिगत ब्याज दर में 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद रेपो रेट 4.9% से बढ़कर 5.4% हो गया है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने अपनी घोषणा में कहा कि हम उच्च मुद्रास्फीति की समस्या से गुजर रहे हैं और वित्तीय बाजार भी अस्थिर रहे हैं। वैश्विक और घरेलू परिदृश्यों को देखते हुए मौद्रिक नीति समिति ने बेंचमार्क रेट में बढ़ोतरी का फैसला किया है।

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन की बैठक में किए गए निर्णय की जानकारी देते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, “एमपीसी ने आम सहमति से रेपो दर 0.5 प्रतिशत बढ़ाकर 5.4 प्रतिशत करने का निर्णय किया है.”

रुपये पर क्या बोले आरबीआई गवर्नर

रिकॉर्ड निचला लेवल छू चुके भारतीय रुपये को लेकर गवर्नर ने कहा कि रुपया व्यवस्थित तरीके से कारोबार कर रहा है। चार अगस्त तक यह 4.7 प्रतिशत टूटा है। रिजर्व बैंक की रुपये के उतार-चढ़ाव पर नजर है। दास ने कहा कि रुपये में गिरावट की बड़ी वजह डॉलर का मजबूत होना है, न कि इसमें घरेलू अर्थव्यवस्था में आई किसी कमजोरी का हाथ है। उन्होंने कहा कि हालांकि, आरबीआई की नीतियों की वजह से रुपया कई अन्य मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के आगे कहीं बेहतर स्थिति में है।

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