रांची: जब जोश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लगा दिये “कांग्रेस पार्टी अमर रहे” के नारे, मंत्री भी थी कार्यक्रम में मौजूद

रांची। कांग्रेस पार्टी 140वां स्थापना दिवस मना रही है। लेकिन मांढर में स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान बड़ी ही असहज स्थिति बन गयी है। कांग्रेस पार्टी के जोशिले कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी अमर रहे के नारे लगाने शुरू कर दिये। पर झारखंड के मांडर में आयोजित कार्यक्रम में खुद मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की मौजूद थी। झंडोत्तोलन के बाद आधुनिक भारत के निर्माण में योगदान देने वाले नेताओं को याद किया।

लेकिन असहज स्थिति उस वक्त बन गयी, जब कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी सहित कांग्रेस के दिवंगत नेताओं के सम्मान में जगह-जगह “अमर रहे” के नारे लगाए गए। लेकिन इसी दौरान वो कांग्रेस पार्टी अमर रहे के नारे लगाने शुरू कर दिये। झंडा फहराने के बाद राष्ट्रगान गाया गया और इसके पश्चात कांग्रेस के इतिहास, संघर्ष और योगदान को याद किया गया। इसी दौरान पार्टी के दिवंगत नेताओं के नाम लेकर नारेबाजी की जा रही थी, जिसमें “अमर रहे” के नारे लगातार गूंज रहे थे।

“कांग्रेस पार्टी अमर रहे” कैसे बना चर्चा का विषय
कार्यक्रम के दौरान एक ऐसा क्षण आया, जिसने पूरे आयोजन को सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बना दिया। नारेबाजी के क्रम में जैसे ही उद्घोषक ने “कांग्रेस पार्टी…” कहा, वहां मौजूद भीड़ ने स्वतः “अमर रहे” का नारा लगा दिया। इस तरह “कांग्रेस पार्टी अमर रहे” की गूंज सुनाई दी।

उस समय मंच पर कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की भी मौजूद थीं। यह नारा किसी पूर्व नियोजित रणनीति का हिस्सा नहीं था, बल्कि लगातार चल रही नारेबाजी की लय और उत्साह में स्वतः निकल गया। हालांकि, इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और राजनीतिक गलियारों में इस पर चर्चा शुरू हो गई।

कांग्रेस नेताओं ने क्या कहा?
कांग्रेस नेताओं ने इस पूरे वाकये को भोली-भाली जनता की उत्साहजनित भूल बताया। उनका कहना है कि कार्यक्रम में मौजूद लोग “कांग्रेस जिंदाबाद” का नारा लगाना चाह रहे थे, लेकिन पहले से चल रही “अमर रहे” की लय में वही शब्द निकल गया। नेताओं ने साफ किया कि “कांग्रेस पार्टी अमर रहे” का नारा किसी नकारात्मक सोच का नहीं, बल्कि पार्टी के प्रति कार्यकर्ताओं की भावनात्मक जुड़ाव और दीर्घकालिक विश्वास का प्रतीक है।

कांग्रेस नेताओं का यह भी कहना है कि 140 साल पुरानी पार्टी आज भी लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय की विचारधारा के साथ खड़ी है और यही कारण है कि कार्यकर्ताओं की जुबान से ऐसे भावनात्मक नारे निकलते हैं।झारखंड की राजनीति में कांग्रेस वर्तमान में महागठबंधन का अहम हिस्सा है। 2024 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने राज्य में 16 सीटों पर जीत दर्ज कर तीसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है। हेमंत सोरेन कैबिनेट में कांग्रेस कोटे से चार मंत्री शामिल हैं, जिनमें कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की प्रमुख भूमिका निभा रही हैं।

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