रांची SSP हाईकोर्ट में हाजिर हुए! कोर्ट ने पूछा, आरोपी की अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं? HEC जमीन घोटाले में आरोपी की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट सख्त

Ranchi SSP appeared before the High Court! The court asked, why has the accused not been arrested yet? The High Court is strict on the bail plea of ​​the accused in the HEC land scam.

रांची में HEC जमीन दिलाने के नाम पर हुई करोड़ों की ठगी मामले में आरोपी प्रसेनजीत पांडा की अग्रिम जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने रांची SSP से आरोपी की गिरफ्तारी में देरी पर जवाब मांगा, जबकि आरोपी की जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है।
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रांची। हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC) की जमीन दिलाने के नाम पर हुई बड़ी ठगी के मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में आरोपी प्रसेनजीत पांडा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।सुनवाई के दौरान कोर्ट के आदेश के अनुसार रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सशरीर उपस्थित हुए।

कोर्ट ने उनसे सीधे तौर पर पूछा कि जब आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका पहले ही हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज की जा चुकी है, तो अब तक उसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हो पाई। इस पर पुलिस को जवाब देना पड़ा और मामले से जुड़े दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए।गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने 20 मार्च को दिए अपने आदेश में 23 मार्च को SSP को सभी दस्तावेजों के साथ कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया था।

सोमवार को हुई सुनवाई में प्रार्थी के अधिवक्ता ने कोर्ट को जानकारी दी कि आरोपी प्रसेनजीत पांडा आज निचली अदालत में सरेंडर कर सकता है।इस पूरे मामले में प्रसेनजीत पांडा पर आरोप है कि उसके बैंक खाते में HEC की जमीन बेचने के नाम पर ठगी से प्राप्त रकम जमा की गई थी। इसी आधार पर उसे इस केस में आरोपी बनाया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में उसकी भूमिका कितनी गहरी है।

मामले का मुख्य आरोपी HEC के महाप्रबंधक प्रमोद कुमार बेहरा को बताया जा रहा है। उनके खिलाफ आरोप है कि उन्होंने HEC क्षेत्र में जमीन दिलाने का झांसा देकर तीन लोगों से करीब सवा करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी की अधिकांश रकम अन्य आरोपियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी।

इस मामले में धुर्वा थाना में कांड संख्या 38/2025 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें प्रमोद कुमार बेहरा, उनकी दो बेटियों और प्रसेनजीत पांडा को आरोपी बनाया गया है। पुलिस लगातार इस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की भूमिका को खंगाल रही है।हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब इस मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी वास्तव में सरेंडर करता है या नहीं।

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