रांची: नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति ने रिम्स-टू परियोजना के विरोध में प्रदर्शन की घोषणा की
Ranchi: Nagdi Jamin Bachao Sangharsh Samiti announced a protest against the RIMS-2 project

रांची में नगड़ी भूमि पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा
रांची: नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति ने 24 अगस्त को रिम्स-टू के लिए प्रस्तावित नगड़ी की कृषि भूमि पर हल चलाकर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की। समिति के प्रतिनिधियों ने बुधवार को प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि सरकार भूमि अधिग्रहण पुनर्वास अधिनियम 2013 की धारा 24(2) और पेसा कानून का उल्लंघन कर रही है।
ग्राम सभा की सहमति के बिना अधिग्रहण गैरकानूनी
प्रतिनिधियों ने कहा कि ग्राम सभा की सहमति के बिना कृषि योग्य भूमि का अधिग्रहण गैरकानूनी है और इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। समिति के सदस्य विकास टोप्पो, सीता कच्छप, नंदी कच्छप और एतवा टोप्पो ने बताया कि नगड़ी की 70 प्रतिशत कृषि भूमि रिम्स-टू परियोजना के लिए ली जा रही है, जिससे स्थानीय किसानों का जीवन संकट में पड़ सकता है।
वैकल्पिक विकल्प और भूमि संरक्षण की मांग
समिति ने सुझाव दिया कि रांची जिले के आसपास पर्याप्त बंजर भूमि उपलब्ध है, जहां अस्पताल का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कृषि भूमि को बचाना और किसानों के अधिकारों की रक्षा करना जरूरी है।
पूर्व नेता के बयान का हवाला
प्रतिनिधियों ने दिवंगत नेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के 15 जुलाई 2012 के बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि नगड़ी की कृषि भूमि को किसी भी कीमत पर लूटने नहीं दिया जाएगा और किसानों को खेत जोतकर अपने अधिकार बनाए रखने की अपील की थी।









