रांची: चर्चित शौर्य किडनैपिंग व मर्डर केस में कोर्ट ने सुनाया फैसला, आरोपी को रहना होगा जेल में, कोरोना काल में गयी नौकरी, तो शुरू किया था किडनैपिंग का बिजनेस

Ranchi: The court has delivered its verdict in the infamous Shaurya kidnapping and murder case, with the accused facing jail time. He had started a kidnapping business after losing his job during the COVID-19 pandemic.

रांची की अदालत ने 6 साल के मासूम शौर्य के अपहरण और हत्या के आरोपी संजीव पांडा को जमानत देने से इनकार कर दिया है। आरोपी पिछले तीन वर्षों से जेल में बंद है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका खारिज कर दी।
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रांची। राजधानी के बहुचर्चित शौर्य किडनैपिंग व मर्डर केस में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। शैलेन्द्र कुमार की कोर्ट ने आरोपी संजीव पांडा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी संजीव पांडा लगभग तीन वर्षों से न्यायिक हिरासत में है। मामला 3 मार्च 2023 की शाम का है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था।

घटना बरियातू थाना क्षेत्र के एदलहातु इलाके में हुई थी। जानकारी के अनुसार, 6 वर्षीय मासूम शौर्य को आरोपी ने कथित रूप से बातों में फुसलाकर अपनी कार में बैठा लिया था। बताया जाता है कि आरोपी ने बच्चे को यह कहकर बहलाया कि वह उसे उसके पिता के ऑफिस ले जा रहा है। शौर्य के अचानक लापता होने के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया था।

घटना की सूचना मिलते ही बरियातू थाना में अपहरण का मामला दर्ज कराया गया और पुलिस ने जांच शुरू की।जांच के दौरान पुलिस को जो तथ्य सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी संजीव पांडा उच्च शिक्षित है और MBA कर चुका है। प्रारंभिक विवेचना में यह बात सामने आई कि कोरोना काल के दौरान नौकरी छूटने के कारण आरोपी आर्थिक संकट से गुजर रहा था।

कर्ज के बोझ तले दबे होने के चलते उसने कथित रूप से फिरौती के उद्देश्य से बच्चे का अपहरण किया।हालांकि, जांच एजेंसियों के अनुसार, अपहरण के दौरान स्थिति अचानक बदल गई। बताया गया कि मासूम शौर्य ने आरोपी को पहचान लिया था। इसी वजह से आरोपी घबरा गया और अपहरण के महज आधे घंटे के भीतर ही बच्चे की हत्या कर दी।

इस निर्मम घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और शोक का माहौल पैदा कर दिया था। बाद में पुलिस ने बच्चे का शव पानी भरे एक तालाब से बरामद किया। शव की बरामदगी के बाद मामले ने और भी गंभीर रूप ले लिया और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी ने अदालत में जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्यों और घटना की प्रकृति को रेखांकित किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी।

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