राजभवन-राज्य सरकार में फिर ठनेगी : CM हेमंत ने बुलायी टीएसी की बैठक… राजभवन ने बताया था ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल गठन को असंवैधानिक …

रांची। राज्य सरकार और राजभवन में एक बार फिर टकराव की स्थिति दिख सकती है। राज्यपाल ने जिस टीएसी यानि ट्राईबल एडवाइजरी काउंसिंल के गठन नियमावली को असंवैधानिक बताया था और उसमें संशोधन के निर्देश दिये थे, उसमें राज्य सरकार ने कोई बदलाव नहीं किया। अब तो राज्य सरकार दो कदम आगे बढ़कर जनजातीय परामर्शदातृ परिषद यानि ट्राइबल एडवाइजरी कमेटी की बैठक भी बुला ली है। यह बैठक बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट भवन सभागार में होगी।

आपको बता दें कि राज्यपाल ने नियमावली से संबंधित नियमावली मंगाकर उसपर कानूनी सलाह लेने के बाद राज्य सरकार को वापस लौटा दी थी। इस काउंसिंल में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अध्यक्ष हैं, जबकि स्टीफन मरांडी, नीलकंठ सिंह मुंडा, बाबूलाल मरांडी, सीता सोरेन, दीपक बिरूआ, चमरा लिंडा, कोचे मुंडा, भूषण तिर्की, सुखराम उरांव, दशरथ गगराई, विकास कुमार मुंडा, नमन विक्सल कोनगाड़ी, राजेश कच्छप, सोनाराम सिंकू, शिल्पी नेहा तिर्की (सभी विधायक), विश्वनाथ सिंह सरदार और जमल मुंडा सदस्य हैं।

इससे पहले राजभवन ने नियमावली को असंवैधानिक बताते हुए कहा था कि टीएसी के गठन में कम से कम दो सदस्यों का मनोनयन राजभवन से अनिवार्य रूप से होना चाहिए। वर्तमान में गठित टीएसी में ऐसा नहीं किया गया। साथ ही पांचवीं अनुसूची के तहत नियमावली पर भी उनकी स्वीकृति जरूरी थी। इस मामले में राज्य सरकार ने राजभवन को कोई जवाब नहीं दिया गया। टीएसी का मामला द्रौपदी मुर्मू के कार्यकाल से ही चल रहा है।

गतिरोध के बीच में ही राज्य सरकार ने टीएसी के गठन को लेकर नई नियमावली गठित कर दी। साथ ही नई नियमावली की फाइल राजभवन की स्वीकृति के लिए नहीं भेजी गई। नई नियमावली में अब टीएसी के गठन और सदस्यों की नियुक्ति में राज्यपाल के पास कोई अधिकार नहीं रह गया है।

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