रांची: राजधानी के इन इलाकों निषेधाज्ञा लागू, जिला प्रशासन ने जारी किया आदेश, जानिये क्या है इसकी वजह

Ranchi: Curfew imposed in these areas of the capital, district administration issued orders, know the reason behind it.

रांची। राजधानी रांची के कई इलाकों में निषेधाज्ञा लागू रहेगा। इस संबंध में जिला प्रशासन की तरफ से आदेश जारी कर दिया गया है। दरअसल ये आदेश झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की सहायक लोक अभियोजक (सीधी भर्ती) प्रतियोगिता परीक्षा के मद्देनजर जारी किया गया है।

 

सहायक लोक अभियोजक (सीधी भर्ती) की प्रतियोगिता परीक्षा 20 दिसंबर को आयोजित की जा रही है। यह परीक्षा राजधानी रांची के कुल 27 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न कराई जाएगी। परीक्षा के सफल, निष्पक्ष और नकलमुक्त आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, भीड़ या अनुचित गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

20 दिसंबर को सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू रहेगी। यह आदेश अनुमंडल दंडाधिकारी द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 163 के तहत जारी किया गया है। निषेधाज्ञा के दौरान परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी प्रकार की भीड़ या गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

 

प्रशासन ने आशंका जताई है कि कुछ असामाजिक तत्व परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ जुटाकर या शोर-शराबा कर परीक्षा प्रक्रिया को बाधित कर सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा लाउडस्पीकर या किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर भी प्रतिबंध रहेगा।

 

सरकारी कर्मियों को छोड़कर किसी को भी आग्नेयास्त्र, बारूद, लाठी-डंडा, तीर-धनुष या अन्य हथियार लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। किसी भी प्रकार की सभा, मीटिंग या आमसभा के आयोजन पर भी पूरी तरह से रोक लगाई गई है।जिला प्रशासन ने परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय से पहले अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचें, ताकि अंतिम समय में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

 

निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और दंडाधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे और नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन का कहना है कि ये सभी सुरक्षा और प्रतिबंधात्मक व्यवस्थाएं परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और शांतिपूर्ण संचालन के लिए लागू की गई हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी अभ्यर्थियों को बिना किसी दबाव या बाधा के समान अवसर मिल सके।

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