विधानसभा अध्यक्ष को हटाने की प्रक्रिया शुरू, जारी हुआ नोटिस, जानें क्या कहता है नियम

Process to remove Assembly Speaker begins, notice issued, know what the rules say
पॉलिटिक्स न्यूज। सत्ता बदलते ही नेताओं के तेवर बदलना तो आम है परंतु पद पर आसीन व्यक्ति को हटाना भी कम चुनौती पूर्ण नही होता ।इसी क्रम में सबसे अहम पद विधानसभा अध्यक्ष का होता। नीतीश कुमार ने 8 मंत्रियों के साथ राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शपथ लिया. वहीं अब नयी एनडीए सरकार की सेहत को लेकर सबसे पहला कदम विधानसभा के अध्यक्ष पद को लेकर शुरू हो गई है। शपथ ग्रहण के बाद विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस विधानसभा सचिव को थमाया गया है.
विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ जारी किया अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस
रविवार को बिहार में सत्ता बदली और एनडीए की ओर से नीतीश कुमार ने अपने 9 मंत्रियों के साथ शपथ लिया तो एनडीए ने अपना पहला एक्शन भी दिखा दिया. भाजपा की ओर से नंदकिशोर यादव ने विधानसभा स्पीकर अवध बिहारी चौधरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस विधानसभा सचिव को दे दिया. जिसमें जिक्र किया गया है कि विधानसभा के वर्तमान अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी पर अब इस सभा का विश्वास नहीं रह गया है. नोटिस पर पूर्व सीएम जीतन राम मांझी, पूर्व डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद, जदयू के विनय कुमार, रत्नेश सदा समेत कई और विधायकों के हस्ताक्षर हैं.
स्पीकर हटाने की क्या है प्रक्रिया
विधानसभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली का नियम 110 कहता है कि अध्यक्ष को हटाने के लिए सदस्यों को प्रस्ताव लाने के 14 दिन पहले सदन के सचिव को सूचना देनी पड़ेगी. विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठा अध्यासी सदस्य उस प्रस्ताव को पढ़ेगा. उसके बाद जिन सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दी है उनको सदन में प्रस्ताव पढ़ने की अनुमति दी जाती है. बता दें कि जिस अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है वह कार्यवाही के दौरान अध्यक्ष की कुर्सी पर नहीं बैठ सकते हैं. यानी उस समय सभा की अध्यक्षता नहीं करेंगे.
किस पार्टी के कितने विधायक
जदयू और भाजपा को मिला दें तो दोनों के पास 123 विधायक हैं. वहीं एनडीए के अन्य दलों को मिलाकर अब सत्ता पक्ष के पास 128 तो विपक्षी खेमा महगठबंधन के पास 114 विधायकों का समर्थन है. बिहार में बहुमत का आंकड़ा 122 है. AIMIM के विधायक अख्तरुल ईमन किसी गठबंधन के साथ नहीं हैं. वहीं जब महागठबंधन की सरकार बिहार में बनी थी तो राजद कोटे से विधानसभा के स्पीकर अवध बिहारी चौधरी बनाए गए थे.









