Jharkhand Budget 2026 से पहले सवालों के घेरे में पिछली घोषणाएं, कई योजनाएं अब भी अधर में
Ahead of the Jharkhand Budget 2026, previous announcements are under scrutiny, with many schemes still in limbo.

Jharkhand Budget 2026 को लेकर राज्य सरकार 24 फरवरी को नया बजट पेश करने की तैयारी में है, लेकिन उससे पहले ही बीते वित्तीय वर्ष 2025–26 की बजट घोषणाओं की प्रगति पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सुरक्षा, कृषि, सहकारिता और पर्यटन से जुड़ी कई अहम योजनाएं अब तक सिर्फ कागजों तक ही सीमित नजर आ रही हैं।
3 मार्च 2025 को विधानसभा में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने जेलों में अवैध मोबाइल इस्तेमाल रोकने के लिए 4G मोबाइल जैमर और फोन डिटेक्टर लगाने की घोषणा की थी। इसका मकसद जेल के भीतर से अपराध संचालन और धमकी जैसी घटनाओं पर लगाम लगाना था। लेकिन Jharkhand Budget 2026 से पहले भी राज्य की किसी जेल में यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है। तकनीकी अड़चनें और टेंडर प्रक्रिया की देरी इसकी बड़ी वजह बताई जा रही है।
कृषि, पशुपालन और सहकारिता विभाग की योजनाओं की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। मुख्यालय अधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालयों और लैम्पस-पैक्स के लिए आधारभूत संरचना विकास व मरम्मत हेतु 56 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। हालांकि निबंधक कार्यालय से प्रस्ताव नहीं आने के कारण योजना पर ठोस प्रगति नहीं हो पाई। सहकारिता भवन और प्रशिक्षण केंद्र निर्माण जैसी परियोजनाएं भी जांच और प्रतिवेदन स्तर पर अटकी हुई हैं।
पर्यटन क्षेत्र में दशम, हुंडरू, नेतरहाट और पतरातू में ग्लास ब्रिज निर्माण की घोषणा को बड़ी पहल माना गया था। लेकिन ये परियोजनाएं अभी भी डीपीआर तैयार करने और कंसल्टेंट चयन की प्रक्रिया में हैं। पर्यावरणीय प्रभाव और सुरक्षा मानकों की जांच भी जारी है।
नया बजट पेश होने से पहले रांची समेत पूरे राज्य में यह सवाल तेज हो गया है कि पुरानी घोषणाओं का क्रियान्वयन क्यों नहीं हो सका। जनता अब सिर्फ नई घोषणाओं से नहीं, बल्कि Jharkhand Budget 2026 के जरिए पिछली योजनाओं की जवाबदेही भी चाहती है।









