शराबबंदी पर सियासी भूचाल! उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी ने दिया संकेत – क्या बदलने वाला है बड़ा फैसला?

समीक्षा के नाम पर नई बहस, अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री Nitish Kumar पर

बिहार में लागू शराबबंदी कानून को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम के विधायक माधव आनंद ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि शराबबंदी कानून की विस्तृत समीक्षा की जानी चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

माधव आनंद ने कहा कि वे पिछले तीन-चार दिनों से सदन और मीडिया के माध्यम से अपनी बात रख रहे हैं। अब ज्यादा बयानबाजी की जरूरत नहीं है, थोड़ा इंतजार कीजिए। उन्हें भरोसा है कि बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री Nitish Kumar इस मुद्दे पर समीक्षा करेंगे।

 क्या खत्म होगी शराबबंदी?

जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस के लोग शराबबंदी कानून खत्म करने की मांग कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि जब विस्तृत समीक्षा होगी तभी तय होगा कि कानून जारी रहे, खत्म किया जाए या और सख्त बनाया जाए।

उनका कहना है कि शराबबंदी के पक्ष और विपक्ष में पहले सभी दलों ने एक स्वर में समर्थन किया था। ऐसे में अंतिम फैसला समीक्षा के बाद ही होगा। उन्होंने कांग्रेस से भी इंतजार करने की अपील की।

 ‘सुशासन बाबू’ पर भरोसा

माधव आनंद ने कहा कि यह ‘सुशासन बाबू’ की सरकार है और कोई भी कानून बनने के बाद उसकी समीक्षा होती रहती है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले भी शराबबंदी कानून में कई संशोधन किए जा चुके हैं।

हालांकि इस बार वे विस्तृत समीक्षा की बात कर रहे हैं, जिसमें कानून के हर पहलू पर चर्चा होगी — क्या इसकी जरूरत अब भी है? क्या इसे और सख्त करने की आवश्यकता है? या इसमें बदलाव होना चाहिए?

 एनडीए में मतभेद या रणनीति?

राजनीतिक चर्चा यह भी है कि क्या जेडीयू इस मुद्दे पर अलग-थलग पड़ रही है, क्योंकि अन्य सहयोगी दलों ने भी समीक्षा की मांग की है।

इस पर माधव आनंद ने साफ कहा कि एनडीए पूरी तरह एकजुट है, न कोई मतभेद है न मनभेद। उन्होंने दोहराया कि थोड़ा इंतजार कीजिए, मुख्यमंत्री जरूर समीक्षा करेंगे।

 अब फैसला किस दिशा में?

गौरतलब है कि जेडीयू पहले ही साफ कर चुकी है कि शराबबंदी कानून में ढिलाई नहीं दी जाएगी और इसे सख्ती से लागू किया जाएगा।

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