AAP में सियासी संग्राम तेज… ‘मुझे चुप कराने की साजिश?’ राघव का बड़ा पलटवार, खोला अंदर का पूरा खेल!

Raghav Chadha ने आरोपों को बताया ‘सुनियोजित हमला’, बोले—संसद में हंगामा नहीं, जनता की आवाज उठाने गया हूं

आम आदमी पार्टी के भीतर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है और मामला सियासी तूफान में बदलता नजर आ रहा है। राज्यसभा सदस्य Raghav Chadha ने अपने खिलाफ उठ रहे आरोपों पर जोरदार पलटवार करते हुए इसे ‘सुनियोजित अभियान’ करार दिया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक वीडियो में Raghav Chadha ने कहा कि उनके खिलाफ एक जैसे आरोपों के साथ माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि वह संसद में हंगामा करने नहीं, बल्कि जनता के मुद्दे मजबूती से उठाने गए हैं।

उन्होंने पहला आरोप खारिज करते हुए कहा कि यह कहना पूरी तरह गलत है कि वह विपक्ष के वॉकआउट के दौरान साथ नहीं देते। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि कोई एक उदाहरण पेश किया जाए जहां उन्होंने विपक्ष का साथ न दिया हो।

दूसरे आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर न करने की बात भी ‘सफेद झूठ’ है। उनके मुताबिक, न तो उनसे इस बारे में कोई औपचारिक या अनौपचारिक अनुरोध किया गया और पार्टी के कई अन्य सांसदों ने भी इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।

तीसरे आरोप—डरने और गैरजरूरी मुद्दे उठाने—पर उन्होंने कहा कि संसद में उनका मकसद शोर-शराबा करना नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने जीएसटी, इनकम टैक्स, बेरोजगारी, महंगाई, दिल्ली की हवा, पंजाब के पानी, सरकारी स्कूल, पब्लिक हेल्थ और महिलाओं के मासिक धर्म स्वास्थ्य जैसे कई अहम मुद्दे उठाए हैं।


विवाद की जड़ क्या है?

दरअसल, 2 अप्रैल को पार्टी ने Raghav Chadha को राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया और उनकी जगह डॉ. अशोक कुमार मित्तल को नियुक्त किया। इसके साथ ही राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर यह भी अनुरोध किया गया कि उन्हें बोलने का समय न दिया जाए।

इस फैसले के बाद से ही पार्टी के भीतर बयानबाजी तेज हो गई है।


अपने ही नेताओं ने खोला मोर्चा

Saurabh BharadwajAtishi Marlena और Sanjay Singh जैसे नेताओं ने खुलकर Raghav Chadha पर निशाना साधा है।

सौरभ भारद्वाज ने उन्हें गंभीर मुद्दों पर चुप रहने वाला बताया, जबकि संजय सिंह ने कहा कि पार्टी के बाकी नेता निडरता से लड़ते हैं, लेकिन राघव महत्वपूर्ण मौकों पर पीछे हट जाते हैं।

वहीं आतिशी ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि वह बड़े मुद्दों पर आवाज क्यों नहीं उठाते और क्या वह दबाव में हैं।


सवालों के घेरे में पार्टी, बढ़ता सस्पेंस

इस पूरे विवाद ने आम आदमी पार्टी के अंदर चल रही खींचतान को उजागर कर दिया है। एक तरफ Raghav Chadha खुद को जनता की आवाज बता रहे हैं, तो दूसरी ओर पार्टी के ही नेता उन पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

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