‘मेगा मिशन’ पर पीएम मोदी! 7000 करोड़ की बरसात…मंदिर से मेगा रैली तक… क्या है इस दौरे का बड़ा संकेत?
विकास, धर्म और राजनीति—दो दिन में तमिलनाडु-पुडुचेरी में बड़ा संदेश देने पहुंचे प्रधानमंत्री

28 फरवरी को प्रधानमंत्री Narendra मोदी दो दिवसीय दौरे पर चेन्नई पहुंचे, जहां उनके कार्यक्रमों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। 7,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और भूमि-पूजन, धार्मिक यात्रा और जनसभा—सब कुछ इस दौरे को खास बना रहा है।
चेन्नई में भव्य स्वागत
प्रधानमंत्री गुजरात से चेन्नई पहुंचे, जहां उनका स्वागत आरएन रवि, केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन, एडप्पाड़ी के पलानीस्वामी और अन्य भाजपा नेताओं ने किया।
वे शनिवार रात राजभवन तमिलनाडु में ठहरे और रविवार सुबह पुडुचेरी रवाना हुए।
पुडुचेरी में 2700 करोड़ की परियोजनाएं
पुडुचेरी में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की जनसभा में हिस्सा लिया और 2,700 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया। इन परियोजनाओं से अवसंरचना, सड़क संपर्क और सार्वजनिक सेवाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।
मदुरै में 4400 करोड़ का विकास पैकेज
रविवार दोपहर बाद प्रधानमंत्री मोदी मदुरै पहुंचे, जहां 4,400 करोड़ रुपये की अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। इसमें नए चार-लेन हाईवे शामिल हैं जो मड़क्कणम-पुडुचेरी और परमाकुडी-रमनाथपुरम को जोड़ेंगे। इससे दक्षिण तमिलनाडु में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
ऐतिहासिक मंदिर में पूजा
शाम करीब 4 बजे प्रधानमंत्री ने तिरुप्परंकुंद्रम सुभ्रमण्य स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की। यह भगवान मुरुगन के छह प्रमुख मंदिरों में से एक है। इस धार्मिक कार्यक्रम को भी राजनीतिक नजरिए से अहम माना जा रहा है।
अमृत भारत योजना के तहत 8 रेलवे स्टेशन समर्पित
केंद्र की अमृत भारत योजना के तहत प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के आठ पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों—मोरप्पुर, बॉमिडी, श्रीविल्लीपुथुर, चोलावंदन, मनप्पराई, पोल्लाची जंक्शन, कराइकुडी जंक्शन और तिरुवरूर जंक्शन—को राष्ट्र को समर्पित किया।
साथ ही कुंभकोनम, येरकौद और वेल्लोर में तीन नए ऑल इंडिया रेडियो एफएम रिले ट्रांसमीटर भी लॉन्च किए गए, जिससे राज्य में प्रसारण सेवाएं मजबूत होंगी।
क्या है इस दौरे का ‘बड़ा संदेश’?
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा विकास, धार्मिक आस्था और राजनीतिक जनसंपर्क का मिश्रण है। आगामी चुनावी माहौल से पहले यह दौरा तमिलनाडु और पुडुचेरी में बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।
अब सवाल यह है—
क्या 7000 करोड़ की यह विकास सौगात दक्षिण की राजनीति में नया समीकरण बनाएगी? आने वाले दिनों में इसका असर साफ दिखाई दे सकता है…









