विमान हादसा अपडेट: 63 फीसदी जल गए संजय को लेकर जा रहा था विमान, उड़ान के साथ ही हुई बारिश शुरू, जानिए कौन थे मरीज, पायलट ने किस से की आखिरी बात, पूरी डिटेल अपडेट
Plane crash update: The plane was carrying Sanjay, who suffered 63% burns. Rain began as the flight took off. Find out who the patient was and who the pilot last spoke to. Full details update.

Jharkhand Air Ambulance Accident all detail Update: झारखंड की राजधानी Ranchi से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली एक एयर एंबुलेंस सोमवार शाम दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। विमान Chatra जिले के सिमरिया प्रखंड अंतर्गत कसरिया पंचायत के जंगली इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक इस हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई।
कौन-कौन थे सवार?
एयर एंबुलेंस में दो पायलट—कैप्टन विवेक विकास बिलागत और कैप्टन सवरदीप सिंह—मौजूद थे। इसके अलावा पांच यात्री सवार थे:
संजय कुमार (मरीज)
अर्चना देवी (अटेंडेंट)
धुरु कुमार (अटेंडेंट)
डॉ. विकास कुमार गुप्ता (चिकित्सक)
सचिन कुमार मिश्रा (पैरामेडिकल स्टाफ)
41 वर्षीय संजय कुमार गंभीर रूप से झुलसे हुए थे। पेट्रोलियम उत्पाद से आग लगने की घटना में उनके शरीर का लगभग 63 प्रतिशत हिस्सा जल गया था। उन्हें रांची के देवकमल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कर प्रारंभिक उपचार दिया गया था। हालत नाजुक होने के कारण चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया था, जिसके बाद एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई।
उड़ान के दौरान क्या हुआ?
यह विमान Redbird Airways Pvt. Ltd. द्वारा संचालित था। एयरक्राफ्ट का रजिस्ट्रेशन नंबर VT-AJV था और यह Beechcraft C90 मॉडल का विमान था।

जानकारी के अनुसार एयर एंबुलेंस ने भारतीय समयानुसार शाम 7:11 बजे रांची से उड़ान भरी। उड़ान के दौरान खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए पायलट ने मार्ग परिवर्तन का अनुरोध किया। शाम 7:34 बजे के आसपास कोलकाता एरिया कंट्रोल से संपर्क टूट गया। इसके बाद विमान रडार से भी ओझल हो गया।
बताया जा रहा है कि आखिरी बार संपर्क वीएचएफ फ्रीक्वेंसी 132.25 पर हुआ था। वाराणसी एयर ट्रैफिक कंट्रोल से विमान ने कोई संपर्क नहीं किया। संपर्क टूटने के बाद शाम 8:05 बजे रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (RCC) को सक्रिय किया गया।
जंगल में मिला मलबा, बचाव अभियान चला
हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े। जंगली और दुर्गम क्षेत्र होने के कारण बचाव दल को मौके तक पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ी। जिला प्रशासन, पुलिस और रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर तैनात रहीं। बाद में विमान का मलबा बरामद किया गया।
जले हुए मरीज को ले जा रहा था विमान
देवकमल अस्पताल के सीईओ अनंत सिन्हा ने बताया कि मरीज संजय कुमार, जो लातेहार जिले के चंदवा के रहने वाले थे, 16 फरवरी को 65 प्रतिशत जलने की चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती हुए थे. परिवार ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया और सोमवार को एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई थी।
मौसम पर शक
रांची हवाई अड्डे के निदेशक विनोद कुमार ने कहा कि विमान ने उड़ान भरने के लगभग 20 मिनट बाद वायु यातायात नियंत्रण से संपर्क खो दिया. उन्होंने आशंका जताई कि खराब मौसम दुर्घटना का कारण हो सकता है, हालांकि असली वजह जांच के बाद ही सामने आएगी।
जांच के आदेश
प्रशासन ने हादसे की विस्तृत जांच के संकेत दिए हैं। प्राथमिक तौर पर खराब मौसम और तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
यह हादसा एक बार फिर एयर एंबुलेंस सेवाओं की सुरक्षा और मौसम प्रबंधन प्रणाली पर सवाल खड़े करता है। एक जिंदगी बचाने की कोशिश में निकला विमान खुद ताबूत बन गया—और सात जिंदगियां एक साथ खत्म हो गईं।









