Pink Gang: मीठी बातों से फंसते थे बेरोजगार युवा, सिक्योरिटी मनी के नाम पर लुटा देते थे सब कुछ… अब तक हजारों बन चुके हैं शिकार

Pink Gang:उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने एक चौंकाने वाले हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसे कोड नाम मिला – “पिंक गैंग”। इस गैंग में शामिल 16 लड़कियां एक कॉल सेंटर से देशभर के बेरोजगार युवाओं को निशाना बना रही थीं।
पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर जब छापा मारा तो नज़ारा देख हैरान रह गई – मौके से 16 लड़कियों के साथ 2 मास्टरमाइंड (आहद और जुबैद) भी गिरफ्तार किए गए।
Pink Gang: कैसे करते थे ठगी?
इनका स्कैम स्क्रिप्ट कुछ यूं चलता था:
युवाओं को कॉल कर कहा जाता – “हमें आपके लिए एक शानदार नौकरी मिली है, 40 हजार महीना…”
फिर मांगते थे – “थोड़ी सिक्योरिटी मनी लगेगी – सिर्फ ₹2500 से ₹5000”
पैसे मिलते ही – कॉल बंद, नंबर ब्लॉक और शिकार हक्का-बक्का!
Pink Gang:टारगेट कौन थे?
ये गिरोह खास तौर पर महाराष्ट्र और पुणे के युवाओं को टारगेट करता था
हर महीने 30-40 हजार कॉल्स किए जाते थे
“वॉइस कॉल स्क्रिप्ट” इतनी रियल लगती थी कि लोग खुद ही पैसे भेज देते थे
Pink Gang: क्या-क्या बरामद हुआ?
छापे में पुलिस को:
3 लैपटॉप
20 मोबाइल फोन
30 सिम कार्ड
कई रजिस्टर और दस्तावेज
हजारों युवाओं की डिटेल्स
मिले हैं।
साथ ही तीन बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है।
Pink Gang: पुलिस क्या कहती है?
पुलिस के मुताबिक:
“गिरोह लंबे समय से ऑपरेट कर रहा था। अब तक हजारों लोग इनके जाल में फंस चुके हैं। मामले की गहन जांच जारी है।”
Pink Gang: आप क्या करें?
किसी भी अनजान नंबर से नौकरी का ऑफर आए तो सावधान रहें
सिक्योरिटी मनी या एडवांस पेमेंट कभी न भेजें
ठगी की सूचना 1930 हेल्पलाइन या साइबर क्राइम पोर्टल पर तुरंत दें