Pilot Sambhavi Pathak : जानिये कौन थी शांभवी पाठक, जो अजित पवार के प्लेन को उड़ा रही थी, जानिये ट्रेनिंग से लेकर कॉकपिट तक का सफर… सुमित कूपर थे सीनियर पायलट
Pilot Sambhavi Pathak: Find out who Sambhavi Pathak was, who was flying Ajit Pawar's plane. Learn about her journey from training to the cockpit... Sumit Cooper was the senior pilot.

Pilot Sambhawi Pathak : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के प्राइवेट चार्टर विमान Learjet-45 हादसे ने झकझोर दिया है। इस दुर्घटना में न सिर्फ एक बड़े राजनीतिक नेता की जान गई, बल्कि भारतीय कॉर्पोरेट एविएशन ने दो प्रशिक्षित पायलट—कैप्टन सुमित कपूर और 25 वर्षीय को-पायलट शांभवी पाठक—को भी खो दिया। यह हादसा अनुभव और उभरती प्रतिभा, दोनों के एक साथ खत्म हो जाने की दर्दनाक कहानी बन गया है।
Pilot Sambhawi Pathak and Sumit Kapoor : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के प्राइवेट चार्टर विमान Learjet-45 के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। ये त्रासदी केवल एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता के जाने तक सीमित नहीं रही।
इस दुर्घटना में भारतीय कॉर्पोरेट एविएशन इंडस्ट्री के दो प्रशिक्षित और जिम्मेदार पायलटों—कैप्टन सुमित कपूर और फर्स्ट ऑफिसर शांभवी पाठक—की भी मौके पर ही मौत हो गई।
Learjet-45 विमान, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-SSK था, VSR एविएशन कंपनी द्वारा संचालित किया जा रहा था। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान मुंबई से बारामती की ओर उड़ान भर रहा था, जहां अजित पवार को जिला परिषद चुनाव से जुड़ी एक सभा में हिस्सा लेना था। कोहरे और खराब दृश्यता के कारण पायलटों को लैंडिंग के दौरान कठिनाई हुई, जिसके बाद विमान एयरपोर्ट के पास एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
शांभवी पाठक: सपनों के पंख लगाती युवा पायलट
25 साल की शांभवी पाठक भारतीय एविएशन इंडस्ट्री की उन युवा महिला पायलटों में शामिल थीं, जो कॉर्पोरेट और चार्टर एविएशन में अपनी पहचान बना रही थीं।
उनका सफर बेहद प्रेरणादायक था। शांभवी ने ग्वालियर के एयरफोर्स स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की और फिर मुंबई यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिक्स और एविएशन साइंस में बीएससी की डिग्री हासिल की।
पायलट बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी से प्रशिक्षण लिया। वर्ष 2018-19 के बीच उन्होंने प्रोफेशनल फ्लाइंग की ट्रेनिंग पूरी की और न्यूजीलैंड सिविल एविएशन अथॉरिटी से कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) प्राप्त किया। उनके पास फ्लाइट इंस्ट्रक्टर रेटिंग (A) भी थी, जो उनके तकनीकी कौशल को दर्शाती है।
करियर की शुरुआत में शांभवी मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब से जुड़ीं और बाद में VSR एविएशन के साथ Learjet जैसे बिजनेस जेट उड़ाने लगीं। अगस्त 2022 से वह कॉर्पोरेट चार्टर ऑपरेशंस का हिस्सा थीं।
एविएशन से जुड़े लोगों का कहना है कि वह तकनीकी रूप से बेहद साउंड थीं और लंबी दूरी की उड़ानों के लिए उन्हें तैयार किया जा रहा था। उनका करियर अभी शुरुआती दौर में था, लेकिन संभावनाओं से भरा हुआ।
कैप्टन सुमित कपूर: अनुभवी और भरोसेमंद कमांडर
Learjet-45 की कमान कैप्टन सुमित कपूर के हाथों में थी, जो इस उड़ान के पायलट-इन-कमांड थे। कॉर्पोरेट और बिजनेस जेट ऑपरेशंस में उन्हें एक अनुभवी और भरोसेमंद पायलट माना जाता था।
VSR एविएशन के साथ जुड़े सुमित कपूर ने पहले भी हाई-स्पीड और शॉर्ट-रनवे जेट्स उड़ाए थे।हालांकि उनके शुरुआती करियर से जुड़ी जानकारियां सार्वजनिक रूप से सीमित हैं, लेकिन एविएशन सर्कल में उनकी पहचान एक सीनियर और जिम्मेदार जेट पायलट के रूप में थी, जिन पर चार्टर फ्लाइट्स की सुरक्षा का पूरा भरोसा किया जाता था।
सेफ्टी रिकॉर्ड पर फिर उठे सवाल
गौरतलब है कि VSR एविएशन का एक Learjet-45 विमान पहले भी वर्ष 2023 में मुंबई एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है।
उस हादसे की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने की थी और तब सभी यात्री सुरक्षित बच गए थे। लेकिन मौजूदा हादसे ने एक बार फिर कंपनी के सेफ्टी रिकॉर्ड और चार्टर एविएशन में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह हादसा भारतीय कॉर्पोरेट एविएशन की दो पीढ़ियों के एक साथ खत्म हो जाने का प्रतीक बन गया है—एक ओर उभरती हुई युवा महिला पायलट, और दूसरी ओर अनुभवी कमांडर।
साथ ही, एक बड़े राजनीतिक नेता की असमय मौत ने इस दुर्घटना को राष्ट्रीय स्तर पर और भी गंभीर बना दिया है। अब सभी की नजरें हादसे की विस्तृत जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि आखिर इस त्रासदी की असली वजह क्या थी।









