झारखंड में जल्द लागू होगा पेसा कानून, विधानसभा में मंत्री ने दिया जवाब, कहा 262 आपत्तियों में से…

PESA law will be implemented in Jharkhand soon, minister replied in the assembly, said out of 262 objections...

PESA Act : झारखंड में जल्द पेसा एक्ट लागू हो सकता है। विधानसभा में एक सवाल के जवाब में सरकार की तरफ से ये जवाब बताया है। बजट चर्चा के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय ने कहा कि जल्द ही इसे अंतिम रुप दे दिया जायेगा। इससे पहले शुक्रवार को ग्रामीण विकास विभाग और वन पर्यावरण विभाग का बजट पारित हो गया।

 

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इस पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि वर्ष 2022 में पेसा कानून का ड्राफ्ट लाया गया था। सरकार ने इस पर लोगों से आपत्ति मांगी थी। 262 आपत्ति में से 145 सुझावों को शामिल किया गया है।पेसा कानून की नियमावली अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री से विचार विमर्श करने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा और इसे लागू कर दिया जाएगा।

 

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क्या होगा पेसा कानून लागू होने पर

 

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संसद ने 1996 में पेसा एक्ट (PESA Act) को पारित किया था। 24 दिसंबर 1996 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के साथ यह कानून अस्तित्व में आया। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य 5वीं अनुसूची के क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों को सशक्त बनाना और उनके पारंपरिक अधिकारों की रक्षा करना है।वर्तमान में देश के 10 राज्य 5वीं अनुसूची के अंतर्गत आते हैं: आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना। 5वीं अनुसूची में उन्हीं राज्यों को शामिल किया जाता है, जहां आदिवासी आबादी का घनत्व अधिक है।

इस अधिनियम की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

 

• भारतीय संविधान के भाग IX के तहत पंचायतों से संबंधित प्रावधानों को 5वीं अनुसूचित क्षेत्रों में संशोधित रूप में लागू करना।

• आदिवासी समुदायों को स्वशासन की शक्ति प्रदान करना।

• ग्रामसभा को सशक्त बनाना और ग्राम शासन की अवधारणा को मजबूत करना।

• आदिवासियों की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक मान्यताओं का संरक्षण।

• आदिवासी समुदाय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पंचायतों को सशक्त बनाना।

• प्राकृतिक संसाधनों जैसे भूमि, जल और जंगलों पर समुदाय के नियंत्रण को सुनिश्चित करना।

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