झारखंड: अस्पताल की चौथी मंजिल से मरीज ने लगायी छलांग, मौके पर ही हुई मौत, अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल…

Jharkhand: Patient jumps from fourth floor of hospital, dies on the spot; questions raised about security arrangements in hospital...

जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक बड़ी घटना घटी है। अस्पताल के चौथे माले से कूदकर जान देने की इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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जमशेदपुर। महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमजीएम अस्पताल) में उस वक्त ह़ड़कंप मच गया, जब एक मरीज ने चौथी मंजिल से छलांग लगादी। घटना में मरीज की मौके पर ही मौत हो गयी। अस्पताल के मेडिसिन विभाग के चौथे तल्ले से एक मरीज ने छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। मृतक परसुडीह क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है और वह एचआईवी जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित था।

सुबह 4 बजे पसरे सन्नाटे में उठी चीख
दर्दनाक घटना तड़के करीब चार बजे की है। उस वक्त अस्पताल में अपेक्षाकृत सन्नाटा था और अधिकांश लोग नींद में थे। इसी दौरान मरीज ने चौथे माले की खिड़की से छलांग लगा दी। जैसे ही घटना की जानकारी स्टाफ को मिली, अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में मरीज को देखने पहुंचे कर्मचारियों ने उसे मृत पाया ।मृतक कुछ दिनों से बीमार चल रहा था और इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती था।

पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
यह पहली बार नहीं है जब इसी अस्पताल के इसी फ्लोर से इस तरह की घटना सामने आई हो। करीब ढाई महीने पहले भी मेडिसिन विभाग के चौथे तल्ले से एक अन्य मरीज ने कूदकर आत्महत्या कर ली थी। लगातार एक ही स्थान पर इस तरह की घटनाएं होना अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
दोहराई जा रही घटनाओं के बाद सबसे बड़ा सवाल अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहा है। पहली घटना के बाद भी अगर खिड़कियों या ऊंचे स्थानों को सुरक्षित नहीं किया गया, तो यह सीधे तौर पर लापरवाही को दर्शाता है। क्या मरीजों की सुरक्षा को लेकर अस्पताल प्रशासन गंभीर नहीं है? क्या ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए?

प्रबंधन ने माना, अब शुरू हुई कार्रवाई
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया है। उपाधीक्षक डॉ. जुझार माझी ने बताया कि अब अस्पताल की खिड़कियों में लॉक सिस्टम लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने यह भी माना कि इस दिशा में पहले ही कदम उठाए जाने चाहिए थे।

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