पंचांग : साल 2026 की दिव्य शुरुआत…गुरु प्रदोष और रवि योग का महासंयोग, इन उपायों से साल भर बरसेगी कृपा
Panchang: A divine start to the year 2026... A great combination of Guru Pradosh and Ravi Yoga, these measures will bring blessings throughout the year.

पंचांग : आज 01 जनवरी, 2026 गुरुवार, के दिन पौष महीने की शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि है. इस तिथि पर भगवान शिव और कामदेव का शासन है. नई किताबें लिखने, कर्मकांड और नृत्य के लिए अच्छा दिन माना जाता है. आज रोहिणी व्रत है. आज गुरु प्रदोष व्रत भी है. आज रवि योग भी बन रहा है.
1 जनवरी 2026 का पंचांग
- विक्रम संवत : 2082
- मास : पौष
- पक्ष : शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
- दिन : गुरुवार
- तिथि : शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
- योग : शुभ
- नक्षत्र : रोहिणी
- करण : कौलव
- चंद्र राशि : वृषभ
- सूर्य राशि : धनु
- सूर्योदय : सुबह 07:15 बजे
- सूर्यास्त : शाम 05:34 बजे
- चंद्रोदय : शाम 05:35 बजे
- चंद्रास्त : दोपहर 03.14 बजे
- राहुकाल : 13:42 से 14:59
- यमगंड : 07:15 से 08:32
स्थायी इच्छा वाले कार्य के लिए शुभ है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा वृषभ राशि और रोहिणी नक्षत्र में रहेंगे. रोहिणी को शुभ नक्षत्र माना जाता है. इस नक्षत्र का विस्तार वृषभ राशि में 10 से लेकर 23:20 डिग्री तक होता है. यह एक स्थिर प्रकृति का नक्षत्र है. इसके देवता ब्रह्मा और शासक ग्रह चंद्रमा हैं. कुआं खोदने, नींव या शहर बनाने, प्रायश्चित कर्मकांड, पौधरोपण, राज्याभिषेक, भूमि खरीदने, मेधावी कर्म करने, बीज बोने, देवताओं की स्थापना, मंदिर के निर्माण, स्थायी काम की इच्छा रखने वाली किसी भी कार्य के लिए यह नक्षत्र शुभ माना जाता है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 13:42 से 14:59 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.














