Online Game Addiction: ऑनलाइन गेम बना मौत का जाल! खेलते-खेलते फटी 23 साल के युवक की दिमाग की नस, कौन सा है ये जानलेवा गेम?

Online Game Addiction:उत्तर प्रदेश के मेरठ से आई यह खबर हर माता-पिता और युवाओं को झकझोर कर रख देने वाली है। एक ऐसा शौक, जिसे लोग सिर्फ मनोरंजन समझते हैं, एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन ले गया।
ऑनलाइन गेम खेलते समय 23 वर्षीय युवक की अचानक तबीयत बिगड़ी और कुछ ही घंटों में उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने जो वजह बताई, वह और भी डराने वाली है।
Online Game Addiction:गेम में डूबा था युवक, अचानक हुआ ब्रेन अटैक
यह मामला देहली गेट थाना क्षेत्र के खैरनगर गूलर वाली इलाके का है। यहां रहने वाले मोहम्मद कैफ (23) को ऑनलाइन गेमिंग की गहरी लत थी।
परिजनों के अनुसार, कैफ घंटों मोबाइल पर PUBG जैसे हाई-इंटेंसिटी गेम खेलता रहता था।
घटना वाले दिन भी वह कानों में ईयरफोन लगाकर पूरी तरह गेम में डूबा हुआ था।
इसी दौरान उसे अचानक तेज सिरदर्द और बेचैनी महसूस हुई और वह देखते ही देखते बेहोश होकर गिर पड़ा।
अस्पताल पहुंचते-पहुंचते बिगड़ गई हालत
परिजन तुरंत उसे स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया।
दो दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद कैफ की सांसें थम गईं।
Online Game Addiction:ब्लड प्रेशर 300 के पार, डॉक्टर भी रह गए हैरान
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, भर्ती के वक्त कैफ का ब्लड प्रेशर 300 से ज्यादा था।
जबकि सामान्य व्यक्ति का BP 120/80 होता है।
इतना ज्यादा ब्लड प्रेशर दिमाग की नस फटने (Brain Hemorrhage) की बड़ी वजह बन सकता है—और कैफ के साथ भी यही हुआ।
Online Game Addiction:गेमिंग का साइलेंट किलर रूप आया सामने
पड़ोसियों का कहना है कि कैफ घंटों तक मोबाइल से चिपका रहता था। गेम के दौरान वह इतना उत्तेजित हो जाता था कि आसपास की दुनिया से उसका संपर्क टूट जाता था।
डॉक्टरों के अनुसार—
लंबे समय तक तनावपूर्ण गेम खेलने से
शरीर में एड्रेनालाईन हार्मोन तेजी से बढ़ता है
दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर अचानक शूट कर जाता है
कैफ के मामले में यही तनाव उसकी जान का दुश्मन बन गया।
यह पहली घटना नहीं… बढ़ती लत है खतरे की घंटी
कुछ समय पहले गाजियाबाद में भी गेमिंग तनाव से जुड़ा एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आ चुका है, जहां तीन बहनों ने आत्मघाती कदम उठा लिया था।
विशेषज्ञ मानते हैं कि ई-गेमिंग अब सिर्फ खेल नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक बीमारी का रूप लेती जा रही है।
देर रात तक जागना
स्क्रीन पर घंटों नजरें टिकाए रखना
जीत-हार की सनक
डोपामाइन और कोर्टिसोल हार्मोन का असंतुलन
ये सब मिलकर युवाओं की सेहत को अंदर ही अंदर खोखला कर रहे हैं।
Online Game Addiction:सदमे में परिवार, सबके लिए सबक
कैफ का परिवार गहरे सदमे में है। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि बेटे का यह शौक उसकी जान ले लेगा।
यह घटना एक सख्त चेतावनी है—
👉 मनोरंजन वही ठीक है, जो नियंत्रण में हो।
अगर आपके आसपास कोई युवा
घंटों अकेले गेम खेलता है
चिड़चिड़ा रहने लगा है
या उसकी सेहत गिर रही है
तो इसे नजरअंदाज न करें।









