संक्रांति की सुबह, मौत की रात! नहाने निकला परिवार लौट नहीं पाया…सड़क पर खून से लाल हुआ त्योहार…

भोपाल/बैरसिया। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर नर्मदापुरम स्नान के लिए निकला एक परिवार क्या जानता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आख़िरी सफर बन जाएगा। बुधवार रात करीब 9:30 बजे भोपाल जिले के बैरसिया थाना क्षेत्र में ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडिंग वाहन की आमने-सामने की टक्कर में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

ठाकुर लाल सिंह स्कूल के पास मौत का तांडव

यह भीषण हादसा ठाकुर लाल सिंह स्कूल के पास हुआ। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि लोडिंग वाहन बुरी तरह पिचक गया। अंदर बैठे लोग लोहे के ढांचे में फंस गए। ग्रामीण जब तक मौके पर पहुंचे, तब तक कई जिंदगियां बुझ चुकी थीं।

एक ही परिवार उजड़ा, 5 की मौके पर मौत

हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग सिरोंज निवासी एक ही परिवार के थे। मृतकों में तीन महिलाएं और दो युवक शामिल हैं—

मृतकों के नाम:

  • लक्ष्मीबाई अहिरवार

  • बबली बाई

  • हरि बाई

  • दीपक

  • मुकेश

मौके पर चीख-पुकार और मातम का मंजर देख लोगों की रूह कांप उठी।

12 घायल, 4 की हालत नाजुक

हादसे में 12 लोग घायल हुए हैं। सभी को पहले बैरसिया शासकीय अस्पताल लाया गया, जहां से 4 गंभीर घायलों को हमीदिया अस्पताल भोपाल रेफर किया गया।

घायलों के नाम:
सूरज, विनीता, पुनीत, मोनिका, महक, नूरी बाई, लल्लू, प्रदीप, ज्योति, सूरज (दूसरा) सहित दो अन्य, जिनकी पहचान की जा रही है।
डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों को सिर, छाती और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं।

थाना प्रभारी का खुलासा

थाना प्रभारी वीरेंद्र सेन ने बताया कि लोडिंग वाहन में 15 लोग सवार थे। यह परिवार संक्रांति स्नान के लिए नर्मदापुरम जा रहा था। घने कोहरे के बीच सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से सीधी टक्कर हो गई।

कोहरा + तेज रफ्तार = मौत का सौदा

पुलिस की प्रारंभिक जांच और चश्मदीदों के मुताबिक—

  • इलाके में घना कोहरा था

  • विजिबिलिटी बेहद कम थी

  • इसके बावजूद ट्रैक्टर-ट्रॉली तेज रफ्तार में थी
    लापरवाही ने कुछ ही सेकंड में खुशियां छीन लीं।

ट्रैक्टर चालक हिरासत में, FIR दर्ज

पुलिस ने ट्रैक्टर चालक को इलाज के बाद हिरासत में ले लिया है। उसके खिलाफ IPC की धारा 304A, 279 सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जांच जारी है।

अस्पताल में पसरा मातम

अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
एक महिला बिलखते हुए बोली—

“संक्रांति स्नान करने जा रहे थे… अब पूरा घर उजड़ गया।”

एक घायल युवक ने कांपती आवाज़ में कहा—

“सोचा भी नहीं था कि यह सफर हमारी जिंदगी छीन लेगा।”

फिर उठे बड़े सवाल

यह हादसा कई सवाल छोड़ गया—

  • क्या त्योहारों पर ट्रैफिक कंट्रोल नाकाफी है?

  • क्या ग्रामीण सड़कों पर ओवरलोडिंग पर सख्ती होती है?

  • कोहरे में तेज रफ्तार वाहनों पर निगरानी क्यों नहीं?

शुभ पर्व पर मातम की तस्वीर

मकर संक्रांति जैसे पवित्र त्योहार पर हुआ यह हादसा पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाला है। एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत ने सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खुशियों की उम्मीद लेकर निकले लोग, लाशों में बदलकर लौटे—और त्योहार मातम में बदल गया।

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