रांची । झारखंड में पुरानी पेंशन बहाली हो गयी है। आज कैबिनेट में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर लंबी चर्चा हुई, जिसके बाद झारखंड में पुरानी पेंशन बहाल करने पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी। पुरानी पेंशन बहाली के साथ ही राज्य सरकार ने एक SOP का गठन किया है। ये SOP झारखंड में पुरानी पेंशन बहाली के क्रियान्वयन और NPS के तहत जमा हुए अंशदान को केंद्र से वापस लाने, उसके समायोजन और पुरानी पेंशन की नीतियों को तय करेगा। SOP में तीन सदस्य होंगे, तीन सदस्यीय कमेटी में विकास आयुक्त के अलावे प्रधान सचिव कार्मिक और वित्त सचिव होंगे.

झारखंड देश का तीसरा ऐसा राज्य बन गया है, जिसने अपने राज्य में पुरानी पेंशन बहाली की है। इससे पहले राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार, छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार इसे लागू कर चुकी है। अब झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने पुरानी पेंशन बहाली कर अपने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दे दिया है। आज जैसे ही कैबिनेट में पुरानी पेंशन बहाली पर मुहर लगी झारखंड के लाखों कर्मचारी खुशी झूम उठे।

क्यों बनायी गयी है SOP

दरअसल राजस्थान और छत्तीसगढ़ के

मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा तो कर दी थी, लेकिन उसके क्रियान्वयन को लेकर कोई प्रारूप तैयार नहीं किया गया था। जिसकी वजह से आज भी NPS की जमा राशि को लेकर राज्य और केंद्र में टकराव की स्थिति बनी हुई है। क्रियान्वयन को लेकर भी राज्य सरकार ने कमेटी बाद में बनायी, जिसकी वजह से पुरानी पेंशन की घोषणा के बावजूद उसे लागू करने में काफी विलंब हुआ। लेकिन हेमंत सोरेन सरकार झारखंड के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाली का क्रियान्वयन भी तुरंत करना चाहती है, लिहाजा SOP का गठन किया गया है।

झारखंड में 55 प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी

करीब दो घंटे चली इस बैठक में कुल 55 प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर लगी। कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि टाना भगत परिवारों को वस्त्र के लिए प्रतिवर्ष दो बार 4-4 हजार रुपये दिये जायेंगे.

• न वितरण प्रणाली के तहत अब एक किलो चना दाल प्रतिमाह प्रति परिवार मिलेगा.
• बिरसा कृषि विश्वविद्यालय रांची के शिक्षकों,सेवानिवृत्त शिक्षकों, कर्मियों को सप्तम वेतन पुर्नरीक्षित वेतन का लाभ मिलेगा.
• कल्याण विभाग के स्कूलों में अंशकालिक शिक्षकों की अवधि विस्तार की स्वीकृति
• झारखंड पंचायत सचिव नियुक्ति नियमावली में संशोधन की स्वीकृति
• पुरानी पेंशन योजना लागू करने के लिए एसओपी बनाने का फैसला, विकास आयुक्त के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमिटी गठित करने का फैसला. कमिटी में विकास आयुक्त के अलावे प्रधान सचिव कार्मिक और वित्त सचिव होंगे.
• लोहरदगा में 45 करोड़ की लागत से समाहरणालय भवन बनाने की प्रशासनिक स्वीकृति.
• झारखंड राज्य के निजी क्षेत्रों में नियोजन के लिए नियमावली की स्वीकृति
• 100 यूनिट तक बिजली मुफ्त में मिलेगी, आर्थिक रुप से गरीब को इसका लाभ मिलेगा
• रामगढ़ जिले में कुटुंब न्यायालय खुलेगा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में सरकार की तरफ से राष्ट्रीय खाद्य योजना 2013 के तहत एक किलोग्राम चना दाल एक रुपये की दर से कार्डधारियों को देने का निर्णय लिया गया. मंत्रिपरिषद की बैठक में लक्षित जन वितरण प्रणाली के तहत विभिन्न सुविधाओं के सरलीकरण का फैसला लिया गया.

धान प्राप्ति योजना के तहत बैंक ऑफ इंडिया से 385 करोड़ का ऋण लेने का फैसला लिया गया. इससे पहले सरकार 776 करोड़ का कर्ज ले चुकी है. किसानों से न्यूनतम खरीद मूल्य पर धान की प्राप्ति के लिए सरकार को 1552 करोड़ रुपये का कर्ज लेना है. सरकार की तरफ से 100 यूनिट तक की बिजली गरीब परिवारों को मुफ्त दिये जाने का फैसला भी लिया गया. इसके अलावा 100 यूनिट से 400 यूनिट तक की बिजली की खपत के लिए अलग-अलग स्लैब भी निर्धारित किये गये.

समेकित बाल विकास योजना मिशन सक्षण आंगनबाड़ी और पोषण 2.0 के तहत केंद्र सरकार की तरफ से अगले आदेश तक अवधि विस्तार दिया गया. यह विस्तार 2022-23 के लिए दिया गया है. झारखंड राज्य की ऐसी जातियां, जो केंद्रीय ओबीसी में सूचिबद्ध नहीं हैं. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का लाभ नहीं मिल रहा है. उन्हें भी सरकारी मंजूरी दी गयी.

टाना भगतों को दो बार अब मिलेगा वस्त्र. साल में चार हजार रुपये टाना भगतों को दिये जायेंगे. वित्त विभाग के अवर सचिव के पद पर स्वीकृत तीन पदों को विशेष सचिव के रूप में परिवर्तित किया गया. सेवानिवृत शिक्षकों, वैज्ञानिकों को सातवां वेतन मान का पेंशन लाभ मिलेगा. इन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा. कुल 1.1.2016 से 31 मार्च 2022 तक बकाये राशि के रूप में 14 करोड़ से अधिक का भुगतान किया जायेगा. हाता-मुसाबिनी पथ की मरम्मत पर 27 करोड़ खर्च किये जायेंगे. विशेष विद्यालयों के संचालन के लिए बिना पंजीकृत स्वंयसेवी संस्थानों को लाभ नहीं दिया जायेगा. तीन गैर सरकारी संस्थानों चेशायर होम, विकलांग सेवा समिति समेत एक अन्य संस्थानों को सरकारी लाभ देने का फैसला लिया गया.

बैठक में अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के गठन से संबंधित विधेयक को मंजूरी दी गयी. इतना ही नहीं भारतीय प्रबंधन संस्थान को 405 आदर्श विद्यालयों में क्षमता संवर्धन और कौशल विकास के लिए मनोनीत किया गया. इसमें 245 प्रखंड स्तरीय विद्यालय, 18 मॉडल विद्यालय और 67 शहरी निकयों के विद्यालय हैं. सरकार ने निजी क्षेत्रों में आरक्षण दिये जाने के फैसले पर भी अंतिम मुहर लगा दी.

कल्याण विभाग में आवासीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को सर्विस रीटेनरों से कार्य कराये जायेंगे. 14 जिलाई 2023 तक रीटेनरों की सेवाएं ली जायेंगी. स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति होने तक इनसे कल्याण विभाग के स्कूलों में काम लिया जायेगा. आदर्श विद्यालयों में क्षमता निर्माण और कौशल विकास के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान के मनोनयन के आधार पर स्वीकृति दी गयी. इसमें 405 विद्यालय हैं. 245 प्रखंड स्तरीय, 18 मॉडल विद्यालय और 67 शहरी निकायों के विद्यालय शामिल हैं. पंचायत सचिव नियुक्ति नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी दी गयी.

सरकार की ओर से अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय विधेयक को मंजूरी दी गयी. डॉ श्यामा प्रसाद विवि में नये पद सृजित होंगे. नयी अंशदायी पेंशन योजना को समाप्त करते हुए पुरानी पेंशन योजना को स्वीकृत की गयी. इसमें विकास आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गयी है. स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीड्यूर (एसओपी) विकसित कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. समिति में वित्त विभाग और कार्मिक विभाग के सचिव को रखा गया है. एक जनवरी 2004 से पूर्व नियुक्त सरकारी कर्मियों को पेंशन योजना का लाभ मिलेगा. लोहरदगा में समाहरणालय भवन 45.80 करोड़ में बनाया जायेगा. जनजातीय उप योजना के तहत रांची प्रमंडल के अनगड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना में 24.53 करोड़ की पुनरीक्षित प्राक्कलन की स्वीकृति दी गयी.

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