NPS UPDATE- एनपीएस से आंशिक निकासी सुविधा बंद, समय से पहले निकासी के लिए ऐसे करें आवेदन

रांची। कोरोना महामारी के दौरान लोगों को हुई आर्थिक दिक्कतों को देखते हुए, पेंशन रेगुलेटर PFRDA ने जनवरी 2021, में NPS सब्सक्राइबर्स को सेल्फ-डिक्लरेशन की मदद से आंशिक निकासी के लिए ऑनलाइन एप्लिकेशन डालने की मंजूरी दी थी. पेंशन फंड रेगुलेटरी और डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम से आंशिक निकासी के लिए नए नियम जारी किए हैं. PFRDA ने केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों को एक जनवरी 2023 से अपने संबंधित नोडल कार्यालयों के माध्यम से आंशिक निकासी आवेदन जमा करने को कहा है ये नियम केंद्र, राज्य और केंद्रीय स्वायत्त निकाय के कर्मचारियों पर लागू होगा. इसलिए अब NPS के निवेशकों को समय से पहले निकासी के कारणों को नोडल अधिकारियों को सामने बताने होंगे और इस संबंध में डॉक्यूमेंट्स भी पेश करने पड़ेंगे।

कोरोना महामारी (Covid 19) के दौरान देश ।के विभिन्न हिस्सों में लगे लॉकडाउन के समय ग्राहकों को इस सुविधा से बहुत फायदा हुआ था. लेकिन अब कोरोना महामारी में ढील के बाद PFRDA ने इसे लेकर एक नया आदेश जारी किया, जिसके मुताबिक सरकारी क्षेत्र के सभी ग्राहकों (केंद्र, राज्य और केंद्रीय स्वायत्त निकाय) के ग्राहकों को अब आंशिक निकासी (NPS Partial Withdrawal) के लिए अपना एप्लिकेशन अपने नोडल ऑफिसर के बाद ही जमा करना होगा।

PFRDA ने 23 दिसंबर, 2022 को जारी एक सर्कुलर में कहा, “कोरोना महामारी से संबंधित नियमों को खत्म करने के बाद और लॉकडाउन के नियमों में छूट के साथ यह तय किया गया है कि सभी सरकारी क्षेत्र के ग्राहकों (केंद्र, राज्य और केंद्रीय स्वायत्त निकाय) को NPS से अपनी आंशिक निकासी से जुड़े अनुरोध को अपने संबंधित नोडल ऑफिस में जमा करना होगा.”

क्या हैं NPS में आंशिक निकासी के नियम (NPS Withdrawal Rule)

कम से कम 3 साल के लिए NPS में हो निवेश
सब्सक्राइबर के कुल योगदान से 25% निकासी
सब्सक्रिप्शन अवधि में कुल 3 बार निकासी संभव
आंशिक निकासी कुछ अहम वजहों से संभव है

सेल्फ डिक्लेरेशन से निकाल सकते थे पैसा

इससे पहले PFRDA ने निवेशकों को सेल्फ डिक्लेरेशन तहत आंशिक निकासी की अनुमति दी थी. इस नियम को 14 जनवरी 2021 को कोविड महामारी के बीच लागू किया गया था. PFRDA ने कहा- ‘महामारी से संबंधित कठिनाइयों को समाप्त होने और लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील के बाद परिस्थितियों और कानून को ध्यान में रखते हुए इस संबध में जांच की गई. इसके बाद आंशिक निकासी के इस नियम को सभी सरकारी क्षेत्र के लिए अनिवार्य बनाने का निर्णय लिया गया है.’

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