अब बाहर खाना जेब पर भारी: गैस के दामों ने बढ़ाई टेंशन, होटल-रेस्टोरेंट में बढ़ेंगे रेट… कितना महंगा होगा खाना?
कमर्शियल सिलिंडर की कीमतों में भारी उछाल, गोरखपुर में 5-10% तक बढ़ेंगे खाने के दाम, संचालकों ने बताई मजबूरी

गोरखपुर में बाहर खाना अब लोगों की जेब पर और भारी पड़ने वाला है। कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में अचानक हुई भारी बढ़ोतरी ने होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे में अब संचालकों ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों के दाम 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ाए जाएंगे।
दरअसल, मार्च के पहले सप्ताह से ही रसोई गैस का संकट गहराने लगा था। हालात ऐसे हो गए कि कई रेस्टोरेंट और होटल संचालकों को कमर्शियल सिलिंडर तक नहीं मिल पा रहे थे। मजबूरी में उन्हें लकड़ी और कोयले पर खाना बनाना पड़ा। अब जब सिलिंडर के दामों में अचानक भारी इजाफा हुआ है, तो लागत और भी बढ़ गई है।
नई दरों के अनुसार, 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलिंडर की कीमत 993 रुपये बढ़कर 3255.50 रुपये हो गई है, जो पहले 2262.50 रुपये थी। वहीं, 5 किलोग्राम के छोटू सिलिंडर का रेट भी 597.50 रुपये से बढ़कर करीब 862 रुपये पहुंच गया है। हालांकि घरेलू 14.2 किलोग्राम सिलिंडर की कीमत में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर अब ग्राहकों पर पड़ने वाला है। मैरिज हॉल संचालकों ने भी साफ कर दिया है कि अब मांगलिक कार्यक्रमों में प्रति प्लेट भोजन का रेट बढ़ाया जाएगा। भले ही बुकिंग पहले से हो चुकी हो, लेकिन नए रेट लागू करना उनकी मजबूरी बन गई है।
रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों ने उनके लिए पुरानी दरों पर सेवाएं देना लगभग असंभव बना दिया है। असुरन स्थित एक रेस्टोरेंट संचालक के अनुसार, लागत को संतुलित रखने और व्यवसाय को चलाए रखने के लिए 5 से 10 प्रतिशत तक कीमत बढ़ाना जरूरी हो गया है।
वहीं, अन्य संचालकों का कहना है कि खासकर मिठाई और साउथ इंडियन व्यंजनों पर इसका ज्यादा असर पड़ा है, क्योंकि इन्हें बनाने में गैस की खपत अधिक होती है। ऐसे में अब गुणवत्ता बनाए रखते हुए व्यवसाय चलाने के लिए दाम बढ़ाना ही एकमात्र विकल्प बचा है।
तेल कंपनियों के इतिहास में यह पहली बार है जब कमर्शियल सिलिंडर के दामों में इतनी बड़ी एकमुश्त बढ़ोतरी देखी गई है। इसके साथ ही 47.5 किलोग्राम और अन्य वजन वाले सिलिंडरों की कीमतों में भी भारी इजाफा हुआ है, जिससे छोटे और बड़े सभी कारोबार प्रभावित हो रहे हैं।
अब सवाल यह है कि क्या आने वाले समय में महंगाई का यह असर और गहराएगा, या फिर सरकार और तेल कंपनियां इसमें राहत देने के लिए कोई कदम उठाएंगी। फिलहाल तो गोरखपुर के लोगों को बाहर खाने के लिए ज्यादा खर्च करने के लिए तैयार रहना होगा।






