रांची। मंत्री आलमगीर आलम की गिरफ्तारी के बाद अब भाजपा ने गड़े मुर्दे भी उखाड़ने शुरू कर दिये हैं। फिर जाहे बात विधानसभा में अवैध नियुक्ति की बात हो या फिर कोरोना काल में मंत्री पद के दुरुपयोग का इल्जाम। भाजपा लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आलमगीर आलम के बहाने पूरी कांग्रेस को भ्रष्टाचार के लपेटे में ले रही है। पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने आलमगीर आलम पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा है कि झारखंड में भ्रष्टाचार के पर्याय, हेमंत सोरेन के मार्गदर्शक और घुसपैठियों के संरक्षक कांग्रेसी मंत्री आलमगीर आलम को ईडी ने गिरफ्तार कर एक बार फिर से राज्य में आकंठ भ्रष्टाचार की परत खोल दी है।

मरांडी ने कहा कि आलमगीर आलम वही शख्स हैं, जिन्होंने अपने मंत्री पद का जी भर दुरुपयोग किया। कोरोना काल में सारी मनाही के बावजूद घुसपैठियों को रांची से बाहर भेजा, अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी टेंडर को प्रभावित किया, कमिशनखोरी कर घटिया कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की। पिछले साढ़े 4 सालों से झामुमो-कांग्रेस-राजद के ठगबंधन ने जनता का हक़ लूटकर सिर्फ अपनी तिजोरियों को भरा है।

जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का विलाप कर रही झामुमो-कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद जनता को लूटने का कोई अवसर नहीं छोड़ा। पिछले दिनों भारी मात्रा में कैश बरामदगी होने के बावजूद मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के द्वारा भ्रष्टाचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं किया जाना अत्यंत निराशाजनक है और प्रमाण है कि वे भी इस लूट के खेल में बराबर के हिस्सेदार हैं। काली कमाई से नोटों का पहाड़ खड़ा करने वाले लोग समझ जाएं कि मोदी जी के प्रधानमंत्री रहते कोई भी जनता का हक़ लूट नहीं सकता। जनता इन भ्रष्टाचारियों को करारा जवाब देगी।

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