झारखंड में अब ‘अपना गांव-अपना राज’: PESA नियम 2025 लागू, जानें कैसे आपकी ग्राम सभा बन गई अब विधानसभा से भी ताकतवर

Jharkhand now has its own village, its own rule: PESA Rules 2025 implemented; learn how your Gram Sabha has become even more powerful than the Vidhan Sabha.

PESA Rules 2025 implemented in Jharkhand के साथ ही राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में स्वशासन को कानूनी मजबूती मिल गई है। झारखंड सरकार द्वारा पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियमावली, 2025 की अधिसूचना जारी होते ही यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया। सरकार का उद्देश्य जनजातीय समाज की पारंपरिक व्यवस्था को सशक्त बनाना और गांव स्तर पर निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करना है।

नई नियमावली के तहत ग्राम सभा को निर्णय की सबसे महत्वपूर्ण इकाई बनाया गया है। अब किसी भी सरकारी या विकास योजना को लागू करने से पहले ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य होगी। ग्राम सभा की बैठक में कोरम पूरा होना जरूरी होगा और फैसले सामूहिक रूप से लिए जाएंगे। यदि ग्राम सभा 30 दिनों के भीतर किसी योजना पर निर्णय नहीं लेती है, तो उसे स्वतः स्वीकृति माना जाएगा।

PESA Rules 2025 implemented in Jharkhand के तहत ग्राम सभा को जल, जंगल और जमीन पर पारंपरिक अधिकारों की कानूनी सुरक्षा दी गई है। तालाब, झरना, नहर, बालू घाट, स्थानीय बाजार, लघु खनिज और लघु वन उपज जैसे महुआ, शहद, लाह, बांस और औषधीय पौधों का प्रबंधन अब ग्राम सभा के नियंत्रण में होगा। इससे स्थानीय संसाधनों पर बाहरी हस्तक्षेप कम होगा और ग्रामीणों की आय के स्रोत मजबूत होंगे।

नियमावली में ग्राम सभा को अधिकतम दो हजार रुपये तक आर्थिक दंड लगाने का अधिकार भी दिया गया है। यह दंड ग्राम कोष में जमा होगा और दोषी की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर तय किया जाएगा। ग्राम सभा माफी देने का अधिकार भी रखेगी, लेकिन कारावास की सजा नहीं दे सकेगी। अपील की व्यवस्था पारंपरिक सामाजिक ढांचे में होगी।

इसके साथ ही प्रत्येक गांव में ग्राम कोष की स्थापना का प्रावधान किया गया है, जिसमें अन्न, श्रम, वस्तु और नकद कोष शामिल होंगे। इस कोष का उपयोग शांति व्यवस्था, विवाद समाधान और सामुदायिक जरूरतों के लिए किया जाएगा। कुल मिलाकर, PESA Rules 2025 implemented in Jharkhand जनजातीय स्वशासन और स्थानीय लोकतंत्र को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।

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