नेताजी कमाल के ! दोपहर को किसी और पार्टी के प्रेस कांफ्रेंस में… शाम में शामिल हो गये किसी और दल में.
Netaji is amazing! In the afternoon he was at a press conference for another party... and in the evening he joined another party.

Election news : चुनाव में अजब गजब नेताजी मिल रहे हैं। एक नेताजी ने तो हद ही कर दी दोपहर में किसी और पार्टी की प्रेस कांफ्रेंस में बैठे थे और फिर शाम होते ही दूसरी पार्टी में शामिल हो गये। चौंकाने वाली राजनीतिक घटना में जन सुराज पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मंत्री मोनाजिर हसन ने पार्टी छोड़कर AIMIM का दामन थाम लिया।
दरअसल मोनाजिर हसन सोमवार दोपहर 2:30 बजे जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर के साथ पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे। यह उपस्थिति पार्टी में उनकी सक्रिय भागीदारी को दर्शा रही थी, लेकिन महज चार घंटे बाद ही शाम 6:30 बजे यह खबर सामने आई कि उन्होंने AIMIM की सदस्यता ले ली है। यह घटनाक्रम न केवल चौंकाने वाला था, बल्कि इसने जन सुराज के भीतर बड़ी हलचल मचा दी।
मोनाजिर हसन मुंगेर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन जन सुराज नेतृत्व की ओर से उन्हें टिकट नहीं दिया गया। इससे नाराज़ होकर उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और AIMIM से जुड़ने का निर्णय लिया। अब वे मुंगेर सीट से AIMIM के उम्मीदवार होंगे।
मोनाजिर हसन की पहचान बिहार की राजनीति में एक प्रभावशाली मुस्लिम नेता के रूप में रही है। वे चार बार मुंगेर से विधायक रह चुके हैं और 2009 में बेगूसराय से सांसद भी चुने गए थे। इसके अलावा वे राबड़ी देवी और नीतीश कुमार की सरकारों में मंत्री पद भी संभाल चुके हैं। अपने राजनीतिक करियर में वह पहले जेडीयू और बीजेपी जैसे दलों का भी हिस्सा रह चुके हैं।
उनके AIMIM में शामिल होने से मुंगेर और इसके आसपास के मुस्लिम बहुल इलाकों में चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। इससे जन सुराज पार्टी को सीधा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां मुस्लिम मतदाताओं का प्रभाव है।
AIMIM ने भी मोनाजिर हसन को पार्टी में शामिल कर अपने चुनावी अभियान को धार देने का प्रयास किया है। उनकी राजनीतिक पकड़ और अनुभव पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस फैसले का असर मुंगेर और राज्य की राजनीति पर किस रूप में पड़ता है।









