Mock Drill: शाम 4 बजे बजा जंगी सायरन, देहरादून में मिसाइल हमले में गिरी बिल्डिंग

देहरादून, 7 मई। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हालिया आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव को देखते हुए मंगलवार को पूरे देश में सिविल डिफेंस द्वारा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में देहरादून में भी बड़े पैमाने पर हवाई हमले के परिदृश्य पर मॉक ड्रिल की गई।

शाम 4:15 बजे, शहर के सात प्रमुख स्थानों पर एक साथ सायरन और हूटर बजाए गए, जिससे लोगों को सतर्क किया गया। इसके तुरंत बाद पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमों ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। शहर के विभिन्न हिस्सों में चल रहे इस अभ्यास को कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम से डीएम सविन बंसल और एसएसपी अजय सिंह की निगरानी में संचालित किया गया।

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प्रमुख अभ्यास स्थल और घटनाएं:

  • एमडीडीए कॉलोनी में मिसाइल हमले के चलते एक इमारत के गिरने और कुछ लोगों के घायल होने की काल्पनिक घटना दर्शाई गई। राहत एवं बचाव के लिए मेडिकल टीमएसडीआरएफ और पुलिस बल मौके पर पहुंचे।

  • आईएसबीटी के पास बमबारी जैसे धमाके की सूचना फैली, जिससे लोगों में भगदड़ मच गई। आसपास की दुकानों को बंद कर राहत कार्य शुरू किया गया।

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  • अन्य अभ्यास स्थल: धारा चौकी, ब्लाइंड स्कूल (राजपुर रोड), लक्खीबाग पुलिस स्टेशन, कलेक्ट्रेट परिसर, आराघर पुलिस चौकी।

सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी

अभ्यास के दौरान सेना, अर्द्धसैनिक बल, सिविल डिफेंस व वालंटियर्स की संयुक्त टीमें सक्रिय रहीं। ऋषिपर्णा सभागार में पहले ही अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए थे। आम जनता को हवाई हमले या आपात स्थिति में क्या करना है, इसकी जानकारी दी गई।

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देहरादून की रणनीतिक अहमियत

देहरादून देश के 100 से अधिक केंद्रीय और रक्षा संस्थानों का केंद्र है, जिनमें आईएमए, एफआरआई, डीआरडीओ, सर्वे ऑफ इंडिया, डील, और ऑर्डनेंस फैक्ट्री जैसे महत्वपूर्ण संस्थान शामिल हैं। ऐसे में यहां इस प्रकार के मॉक अभ्यास की विशेष आवश्यकता मानी जाती है।

अभ्यास का उद्देश्य

जिलाधिकारी सविन बंसल के अनुसार, “यह मॉक ड्रिल भारत सरकार के गृह मंत्रालय और उत्तराखंड शासन के निर्देशानुसार आयोजित की गई। इसका मकसद नागरिक सुरक्षा तंत्र को सशक्त बनाना और आम जनता को हवाई हमलों जैसी आपात परिस्थितियों में सुरक्षा के उपायों को लेकर जागरूक करना है।”

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