आधी रात की आग से दहला शहर! सब्जी मंडी बनी ‘आग का कुंड’, 12 से ज्यादा दुकानें राख
सालों की कमाई मिनटों में खाक, बार-बार हो रही आगजनी पर उठे बड़े सवाल

Jharkhand News | धनबाद: झारखंड के धनबाद शहर में आधी रात ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसे याद कर आज भी लोगों की रूह कांप रही है। स्टील गेट सब्जी मंडी अचानक धधकती आग के कुंड में बदल गई। देखते ही देखते 12 से अधिक दुकानें जलकर राख हो गईं और कई परिवारों की सालों की मेहनत पल भर में धुएं में उड़ गई।
देर रात उठीं लपटें, मची अफरातफरी
घटना सरायढेला थाना क्षेत्र की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, देर रात मंडी से अचानक आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
राशन, पूजा सामग्री, सब्जियां और अन्य सामान से भरी दुकानें धू-धू कर जलती रहीं। लोगों में अफरातफरी मच गई। कई दुकानदार अपनी दुकानें बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि कुछ भी बचाया नहीं जा सका।
चार दमकल गाड़ियों ने पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक सब कुछ राख में बदल चुका था।
वहीं झरिया के पूर्व विधायक सह मेयर प्रत्याशी संजय सिंह अपने समर्थकों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। थाना प्रभारी मंजीत सिंह पुलिस बल के साथ भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे रहे।
“दुकान में ही सो रही थी…” – पीड़ितों की दहला देने वाली कहानी
पीड़िता मालती देवी ने रोते हुए बताया कि पति की मौत के बाद वह खुद दुकान चलाकर बच्चों का पालन-पोषण करती हैं। आग लगने के वक्त वह दुकान में ही सो रही थीं। किसी तरह जान बचाकर बाहर निकलीं, लेकिन उनकी पूरी दुकान जल गई।
उनके पिता प्रकाश मोदी की राशन दुकान भी आग की भेंट चढ़ गई। वहीं दुकानदार विश्वनाथ मंडल ने कहा कि अब उनके सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
बार-बार क्यों लग रही आग?
दुकानदारों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी मंडी में 4 से 5 बार आग लग चुकी है। हर बार 15-20 दुकानें जल जाती हैं।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मंडी के आसपास अवैध शराब की बिक्री होती है और रात में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे आगजनी की आशंका बनी रहती है।
जांच की मांग, प्रशासन पर सवाल
संजय सिंह ने कहा कि बार-बार हो रही आगजनी गंभीर चिंता का विषय है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। साथ ही पीड़ित दुकानदारों को तत्काल आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए।
फिलहाल प्रशासन आग लगने के कारणों की जांच में जुटा है। लेकिन इस भयावह घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और मायूसी का माहौल है।









