माओवादी शांति वार्ता : नक्सलियों ने दिया बड़ा बयान, कहा- “हथियार छोड़ने को तैयार…लेकिन एक माह का समय दो”

Maoist Peace Talks: Naxalites make a big statement, saying, "Ready to give up arms...but give me one month's time."

रांची/सुकमा/हैदराबाद: प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन ने एक बार फिर शांति वार्ता के लिए संकेत दिए हैं। संगठन के केंद्रीय कमेटी प्रवक्ता अभय ने बयान जारी करते हुए कहा कि माओवादी अब मुख्यधारा में लौटने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। संगठन ने अस्थायी रूप से हथियारबंद संघर्ष पर विराम लगाने का निर्णय लिया है और केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने को तैयार है।

प्रवक्ता अभय ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के लगातार आह्वान और शीर्ष पुलिस अधिकारियों की अपीलों को देखते हुए संगठन ने यह कदम उठाया है। माओवादी संगठन का कहना है कि भविष्य में वह जनसमस्याओं के समाधान के लिए राजनीतिक दलों और सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर काम करेगा। संगठन ने रायशुमारी के लिए एक महीने का समय भी मांगा है।

इधर, छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में गुरुवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। गादीरास थाना क्षेत्र के गुफड़ी और पेरमापारा गांव के बीच हुई इस कार्रवाई में मलांगीर एरिया कमेटी की सदस्य और 5 लाख की इनामी महिला नक्सली बूस्की नुप्पो मारी गई। अधिकारियों के अनुसार, इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में 247 नक्सली ढेर हो चुके हैं।

तेलंगाना से भी आत्मसमर्पण की खबर आई है। भद्राद्री कोठागुडेम जिले में गुरुवार को माओवादी संगठन के छह सदस्यों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया। “ऑपरेशन चेयुथा” कार्यक्रम के तहत जनवरी 2025 से अब तक कुल 320 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

माओवादी संगठन का यह ताजा बयान और बढ़ते आत्मसमर्पण यह संकेत देते हैं कि Maoist Peace Talks आने वाले समय में एक बड़ा मोड़ ले सकते हैं।

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