ED रेड के खिलाफ ममता बनर्जी का हल्ला-बोल! I-PAC में फोन छीना, DGP ने ED अधिकारियों को दी गिरफ्तारी की धमकी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार (8 जनवरी) को I-PAC परिसर में ED की छापेमारी के दौरान कथित तौर पर हस्तक्षेप किया। सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी ने मौके पर I-PAC के अधिकारी प्रतीक जैन का फोन अपने हाथ में ले लिया और उसे अपने पास रख लिया।
यह पूरी घटना तब सामने आई, जब ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत राजनीतिक परामर्श फर्म I-PAC के परिसर में छापेमारी की। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी के दस्तावेजों की चोरी का आरोप लगाया।
DGP की धमकी और सुरक्षा का खेल
सूत्रों का कहना है कि इस दौरान DGP ने ED के 3 अधिकारियों से कहा कि पंचनामा में कुछ भी रिकॉर्ड न करें और यह दिखाएं कि कोई बरामदगी नहीं हुई। अगर ऐसा नहीं हुआ तो DGP ने कथित तौर पर ED अधिकारियों को गिरफ्तार करने की धमकी दी। वहीं, मौके पर तीन ED अधिकारी और दर्जनों पुलिस अधिकारी मौजूद थे, साथ ही सीएम की Z सिक्योरिटी टीम भी मौजूद थी।
ममता बनर्जी ने निकाला मार्च
ईडी की कार्रवाई के खिलाफ ममता बनर्जी ने कोलकाता में मार्च की अगुवाई की। दिल्ली समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इसी बीच, तृणमूल कांग्रेस के कुछ सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने आठ सांसदों को हिरासत में ले लिया।
हाईकोर्ट में सुनवाई टली
कलकत्ता हाईकोर्ट में ED रेड से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान भारी भीड़ और जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। इस कारण अदालत ने सुनवाई स्थगित कर दी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर एक नई गंभीर विवाद की चिंगारी जला दी है, और आने वाले दिनों में इसका राजनीतिक तूफान देखने को मिल सकता है।









