झारखंड के 38,798 आंगनबाड़ी केंद्रों में राष्ट्रीय पोषण अभियान: कुपोषण से मुक्ति के लिए सरकार का बड़ा कदम, जानें उद्देश्य और विशेषताएं

National Nutrition Campaign in 38,798 Anganwadi centers of Jharkhand: Government's big step to get rid of malnutrition, know the objective and features

झारखंड में 17 सितंबर से राष्ट्रीय पोषण माह अभियान

झारखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन, 17 सितंबर, से राज्य के 38,798 आंगनबाड़ी केंद्रों में राष्ट्रीय पोषण माह अभियान शुरू होगा। यह अभियान 17 सितंबर से 16 अक्टूबर तक चलेगा और इसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को पौष्टिक खानपान, स्वास्थ्य और परिवार के साथ समाज को स्वस्थ एवं सशक्त बनाने की दिशा में जागरूक करना है।


मेगा हेल्थ कैंप ‘स्वास्थ्य नारी, सशक्त परिवार’

अभियान के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हेल्थ कैंप लगाए जाएंगे। महिलाओं और बच्चों का चेकअप और आवश्यक इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य सरकार के समाज कल्याण निदेशालय द्वारा अभियान की पूरी तैयारी की जा रही है। बीते मंगलवार को केंद्रीय महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक भी आयोजित की गई।


अभियान का इतिहास और महत्व

राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा की गई थी। तब से यह अभियान हर साल महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जाता रहा है। इस वर्ष का अभियान मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा:

  • मोटापा कम करना: शुगर, नमक और तेल के उपयोग को घटाना

  • बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा-पोषण

  • एक पेड़ मां के नाम पहल

  • शिशु एवं छोटे बच्चों के आहार

  • लैंगिक समानता पर जागरूकता


पोषण माह में होने वाली गतिविधियां

  1. BMI स्क्रीनिंग: बचपन और किशोरावस्था में मोटापे की पहचान के लिए

  2. स्वस्थ भोजन की आदतें: भोजन की मात्रा नियंत्रण और शारीरिक गतिविधि पर जागरूकता

  3. कम कैलोरी और प्रमाणित शुगर विकल्पों का प्रचार

  4. शहरी समुदायों के लिए फिटनेस चुनौतियां और पोषण कार्यशालाएं

  5. मोटापे की रोकथाम: स्वास्थ्य विभाग के साथ नियमित स्वास्थ्य जांच में सहयोग

  6. विशेष ऊंचाई माप अभियान: प्रत्येक राज्य के पांच जिलों में बच्चों की वृद्धि माप

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