लालू-राबड़ी को घर छोड़ना पड़ा: आधी रात गुपचुप तरीके से सामान बांधकर ले गये, 4-5 छोटी गाड़ियों में सामान गया, “रात के अंधेरे में चोरो की तरह…” भाजपा ने कहा…

Lalu and Rabri were forced to leave their homes: They secretly packed up their belongings at midnight and took them away in 4-5 small vehicles, "like thieves in the dead of night..." the BJP said.

10 Serculat Road Lalu yadav and Rabri Devi Home: लालू यादव और राबड़ी देवी को अपना घर छोड़ना पड़ा है। करीब 20 साल से पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास को लालू-राबड़ी ने खाली कर दिया है। आधी रात को अचानक गुपचुप तरीके से आवास से सामान शिफ्टिंग का काम शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि गुरुवार रात कई छोटी गाड़ियां आवास पर पहुंचीं, जिनसे पौधे और गार्डन से जुड़ा सामान गोला रोड स्थित गौशाला में भेजा गया।

 

कमाल की बात ये है कि यह शिफ्टिंग ऐसे समय में हो रही है, जब लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव दोनों बाहर हैं। जानकारी के मुताबिक गुरुवार देर रात 4 से 5 छोटी गाड़ियां इस आवास पर पहुंचीं, जिनके माध्यम से पेड़-पौधे, गार्डन से जुड़ी सामग्री और अन्य छोटे सामान को गोला रोड स्थित गौशाला में शिफ्ट किया गया। बताया जा रहा है कि वहां से यह सामान आगे दूसरी जगह भेजा जाएगा।

 

रात के अंधेरे में हुई इस शिफ्टिंग की तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। खास बात यह है कि जिस समय यह प्रक्रिया चल रही थी, उस दौरान आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव दिल्ली में थे, जबकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी पटना से बाहर बताए जा रहे हैं। घर में किसी पुरुष सदस्य की मौजूदगी नहीं थी। हालांकि, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की ओर से फिलहाल आधिकारिक रूप से यह पुष्टि नहीं की गई है कि आवास खाली करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है।

 

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राबड़ी देवी को इस सरकारी आवास को खाली करने का नोटिस मिला था। करीब एक महीने पहले, 25 नवंबर को बिहार भवन निर्माण विभाग ने यह नोटिस जारी किया था। आदेश में स्पष्ट किया गया था कि बिहार विधान परिषद में नेता विपक्ष के लिए हार्डिंग रोड स्थित आवास संख्या 39 आवंटित किया गया है। इसके बाद से ही राबड़ी आवास को चरणबद्ध तरीके से खाली करने की प्रक्रिया शुरू होने की बातें सामने आ रही थीं।

 

सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से आवास का सामान धीरे-धीरे महुआ बाग और आर्य समाज रोड स्थित अन्य आवासों पर भेजा जा रहा है। राबड़ी आवास वर्ष 2006 से लालू परिवार का मुख्य ठिकाना रहा है और लगभग दो दशकों तक यह जगह आरजेडी की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र भी बनी रही। नोटिस मिलने के बाद लालू परिवार इस मुद्दे पर एकजुट नजर आया था। तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट करते हुए इसे राजनीतिक और व्यक्तिगत रिश्तों से जोड़कर देखा था।

 

उन्होंने लिखा था कि जिस आवास से 28 वर्षों तक पार्टी और कार्यकर्ताओं का भावनात्मक रिश्ता जुड़ा रहा, उसे एक सरकारी नोटिस के जरिए समाप्त कर दिया गया।फिलहाल राबड़ी आवास से सामान हटाए जाने की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक बयान का इंतजार है, लेकिन यह साफ है कि बिहार की राजनीति में एक लंबे दौर का प्रतीक रहा यह आवास अब धीरे-धीरे खाली किया जा रहा है।

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