एक कथा के लाखों! अनिरुद्धाचार्य महाराज की फीस सुनकर रह जाएंगे हैरान, जानिए कितनी है कुल कमाई?
1 दिन की कथा से लाखों की आमदनी, 7 दिन का पैकेज करोड़ों की चर्चा में… डिजिटल दुनिया से भी बरस रहा पैसा

Aniruddhacharya Maharaj: कितनी लेते हैं एक कथा की फीस?
जाने-माने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज पिछले कुछ सालों में देश के सबसे लोकप्रिय धार्मिक प्रवचकों में शुमार हो गए हैं। बड़ी-बड़ी सभाओं में श्रीमद् भागवत कथा सुनाने और अपने बेबाक अंदाज के कारण वे खास पहचान बना चुके हैं।
सोशल मीडिया पर उन्हें कई लोग ‘पूकी महाराज’ के नाम से भी जानते हैं। बढ़ती लोकप्रियता के बीच लोगों के मन में एक ही सवाल है— आखिर एक कथा के लिए वे कितनी फीस लेते हैं?
हर दिन की कथा के लाखों रुपये
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक:
एक दिन की कथा/प्रवचन के लिए लगभग 1 से 3 लाख रुपये तक चार्ज
पूरी 7 दिन की श्रीमद् भागवत कथा के लिए करीब 10 से 15 लाख रुपये
हालांकि, सही फीस आयोजन के स्तर, स्थान और व्यवस्थाओं पर निर्भर करती है।
इसके अलावा आयोजकों को उनकी टीम के रहने, खाने, यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं का खर्च भी उठाना होता है।
महीने की कमाई और अनुमानित नेटवर्थ
रिपोर्ट्स के अनुसार:
अनुमानित मासिक आय: लगभग 45 लाख रुपये (विभिन्न स्रोतों सहित)
2025 तक अनुमानित नेटवर्थ: करीब 25 करोड़ रुपये
ये आंकड़े सार्वजनिक रिपोर्ट्स और इवेंट डिस्क्लोजर पर आधारित माने जाते हैं।
यूट्यूब और डिजिटल कमाई
अनिरुद्धाचार्य महाराज की डिजिटल दुनिया में भी मजबूत पकड़ है।
उनके यूट्यूब चैनल पर लाखों सब्सक्राइबर हैं
अनुमानित रूप से ₹2 लाख प्रतिमाह यूट्यूब विज्ञापनों और व्यूअरशिप से आय
धार्मिक कार्यक्रम, ब्रांड एंडोर्समेंट और पब्लिक अपीयरेंस भी आय के प्रमुख स्रोत
जैसे-जैसे उनकी लोकप्रियता बढ़ी है, बड़े पैमाने के स्पिरिचुअल इवेंट्स के निमंत्रण भी बढ़े हैं, जिससे उनकी आमदनी में इजाफा हुआ है।
सामाजिक कार्यों में भी योगदान
अनिरुद्धाचार्य महाराज वृंदावन में गौरी गोपाल आश्रम का संचालन करते हैं।
कहा जाता है कि उनकी आय का एक बड़ा हिस्सा सामाजिक और धार्मिक कार्यों में खर्च होता है, जैसे:
गौ सेवा
भंडारा आयोजन
जरूरतमंदों को चिकित्सा सहायता
लोकप्रियता के साथ बढ़ती कमाई
भक्ति कथा और सोशल मीडिया की दुनिया में बढ़ती पहुंच ने अनिरुद्धाचार्य महाराज को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।
अब सवाल यह है—
क्या आने वाले समय में उनकी लोकप्रियता और कमाई का ग्राफ और ऊपर जाएगा?
फिलहाल, एक बात तय है— उनकी कथा सिर्फ श्रद्धा ही नहीं, बल्कि बड़ी आर्थिक गतिविधि का भी केंद्र बन चुकी है।









