रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा फिर सवालों के घेरे में है। जूनियर इंजीनियर की परीक्षा में पेपर लीक को लेकर गंभीर बातें सामने आ रही है। आयोग की तरफ से पेपर लीक की पुष्टि के बाद भी अब तक परीक्षा रद्द नहीं की गयी है। इस मामले को लेकर राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने ट्वीट किया है। दीपक प्रकाश ने आरोप लगाया है कि इस मामले में बड़े रकम की उगाही हुई है।

उन्होने ट्वीट कर लिखा है कि JSSC JE के प्रश्न पत्र लीक का मामला अंत्यंत गंभीर है। इससे राज्य सरकार की तरफ से ली जा रही सभी परीक्षाओं पर सवाल खड़ा होता है। युवाओं के आंदोलन के बाद आयोग की नींद खुली है। लेकिन बावजूद इसके परीक्षा को रद्द नहीं किया गया है। जिससे प्रतीत होता है कि बड़े रकम की उगाही हुई है।

जूनियर इंजीनियर के लिए पहले 285 पदों पर रिक्तियां निकली थी, लेकिन बाद में विज्ञापन में संशोधन किया गया, उसे 1289 पद कर दिया गया। इसके लिए 7 फरवरी से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई। प्राप्त आवेदन के बाद तीन जुलाई को लिखित परीक्षा ली गयी।

आपको बता दें कि JSSC ने कनीय अभियंता की नियुक्ति के लिए 3 जुलाई 2022 को लिखित परीक्षा ली थी। परीक्षा के दो गंटे बाद ही प्रश्न पत्र वायरल हो गया। इस मामले में अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया। इस मामले में धनबाद के अभ्यर्थी मिथिलेश कुमार सिंह ने 14 जुलाई को FIR दर्ज करायी थी।

इस मामले में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के कर्मी के मिलीभगत को लेकर जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक पूरे मामले में 15 से 20 लाख रुपये में प्रश्न पत्र बेचा गया। इस मामले में गिरिडीह के देवरी के रंजीत मंडल को ओड़िशा से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से मोबाइल जब्त किया गया है। उसके ही व्हाट्सएप नंबर से प्रश्न पत्र वायरल किया गया था।  

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