राज्यसभा में गूँजी झारखंड की ‘प्यास’: डॉ. प्रदीप वर्मा ने पूछा- कब तक हर घर पहुँचेगा शुद्ध पानी? केंद्र से माँगा सीधा जवाब

Jharkhand's 'Thirst' Resonates in the Rajya Sabha: Dr. Pradeep Verma Asks—"By When Will Clean Water Reach Every Household?" Demands a Direct Answer from the Centre.

Joharlive Desk: राज्यसभा में झारखंड के ग्रामीण और शहरी इलाकों में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता जताई गई। सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने पूरक प्रश्न के जरिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से इस विषय पर जवाब मांगा और राज्य में पानी की निगरानी और सुधार के उपायों पर ध्यान खींचा।

रियल टाइम मॉनिटरिंग पर उठाए सवाल

डॉ. वर्मा ने विशेष रूप से समग्र प्रबंधन सूचना प्रणाली (MIS) के जरिए पेयजल निगरानी की प्रणाली पर सवाल उठाया। उन्होंने जानना चाहा कि क्या झारखंड में पानी की गुणवत्ता को रियल टाइम डेटा के माध्यम से ट्रैक किया जा रहा है और यह आम लोगों के लिए कितनी मददगार साबित हो रहा है।

गांव स्तर पर जांच व्यवस्था की प्रभावशीलता

सांसद ने यह भी पूछा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की जांच की जो व्यवस्था बनाई गई है, वह कितनी कारगर है। उनका कहना था कि यह जरूरी है कि इस सिस्टम से आम लोगों तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की पहुंच कितनी सुनिश्चित हो पा रही है।

जनस्वास्थ्य और सरकारी जिम्मेदारी

पेयजल की गुणवत्ता सीधे जनस्वास्थ्य से जुड़ा मामला है। डॉ. वर्मा ने जोर दिया कि ग्रामीण इलाकों में साफ और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

पारदर्शिता और सुधार की दिशा

सांसद ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि झारखंड में जल गुणवत्ता निगरानी प्रणाली को और पारदर्शी और मजबूत बनाने की आवश्यकता है। साथ ही, रियल टाइम डेटा के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाना भी बेहद जरूरी है।

सुरक्षित पानी के लिए पहल

यह सवाल केवल औपचारिक चर्चा तक सीमित नहीं है। इसे झारखंड में सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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