झारखंड : सफेदपोशों की उड़ी नींद! जेल से फरार समीर तिर्की पुलिस के शिकंजे में, गुमला के जंगलों में चल रहा था ‘बड़ा खेल
White-collar criminals lose sleep! Samir Tirkey, who escaped from jail, is now in police custody; a 'big game' was being played in the forests of Gumla.

गुमला: सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटलवार से एक साल पहले फरार हुए PLFI Militant समीर तिर्की को शनिवार देर रात गुमला के वृंदा गांव से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे रांची पुलिस को सौंप दिया गया।
इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी महेंद्र करमाली ने किया। सुरक्षा एजेंसियां इसे काफी अहम उपलब्धि मान रही हैं।
समीर तिर्की 28 फरवरी 2025 की रात होटलवार जेल से फरार हुआ था। जांच में पता चला कि उसने जेल की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर भागने में सफलता पाई थी। फरारी के बाद वह पहले अपने गांव गया और परिजनों से मिलने के बाद वृंदा जंगल में तंबू लगाकर 11 महीने तक छिपा रहा। इस दौरान पुलिस उसे खोजती रही, लेकिन वह लगातार अपने ठिकाने को बदलता रहा।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसे दबोच लिया और अब उससे पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर PLFI नेटवर्क और उसकी संभावित गतिविधियों की जांच तेज की जाएगी।
यह गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लंबे समय से फरार रह चुके समीर तिर्की की बरामदगी से न केवल जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं, बल्कि उग्रवादी नेटवर्क पर भी बड़ा शिकंजा कसा जा सकेगा।
सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि अब इस मामले में विस्तृत जांच की जाएगी और अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान की जाएगी। समीर तिर्की की बरामदगी से पीएलएफआई संगठन की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी।








