झारखंड: जब शिक्षकों से डीसी ने पूछा सवाल ? बताईये स्कूलों में ड्रापआउट कैसे खत्म होगा? कैसे स्कूल लौटेंगे बच्चे

Jharkhand: When DC asked questions to teachers? Tell me how will dropouts in schools end? How will children return to school

Jharkhand School News : यूं तो शिक्षक ही हमेशा सवाल पूछते हैं, लेकिन शुक्रवार को शिक्षकों को उपायुक्त के सवालों का जवाब देना पड़ गया। डीसी ने पूछा कि, बताईये आपलोग स्कूलों में ड्रापआउट क्यों हो रहा है। क्या वजह है कि स्कूल बच्चे नहीं आ रहे हैं, वो पढ़ाई बीच में छोड़ रहे हैं? और उन्हें वापस स्कूल लौटाने के लिए क्या करना चाहिये।

 

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दरअसल पलामू में डीसी ने स्कूल से ड्राप आउट बच्चों को वापस लौटाने की पहल शुरू की है। इस पहल का नाम उन्होंने रुआर अभियान दिया है। रुआर एक संताली शब्द है, जिसका अर्थ होता है लौट जाना। अभियान की शुरुआत डीसी ने सिटी बजाकर की।

 

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डीसी शशिरंजन ने अभियान की शुरुआत से पहले सरकारी शिक्षक एवं अधिकारियों से ड्रॉप आउट के कारण और उसके समाधान के बारे में राय पूछी। शिक्षकों ने डीसी को बताया कि सरकारी स्कूल के कई बच्चों ने प्राइवेट स्कूल में भी नामांकन करवाया है और वह सरकारी स्कूल में क्लास करने नहीं जाते हैं। कुछ बच्चों को परिजन काम कराते हैं और उन्हें स्कूल नहीं भेजते।

 

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शिक्षकों ने ग्रामीणों के पलायन एवं स्कूल की दूरी को भी एक बड़ा कारण बताया। ड्राप आउट को खत्म करने को लेकर शिक्षकों ने सुझाव दिया कि सरकारी स्कूलों में स्किल डेवलपमेंट, शिक्षकों को टास्किंग और अभियान चलाने की जरूरत है। शिक्षक और अधिकारियों ने यह भी कहा कि सरकारी अधिकारी के बच्चे भी सरकारी स्कूल में पढ़ाई करे।

 

दरअसल पलामू में 2024-25 में 2254 बच्चे सरकारी स्कूल से ड्रॉप आउट हुए हैं. छह से 14 वर्ष के उम्र के 1637 बच्चों ने स्कूल को छोड़ा है, वहीं 14 से 18 वर्ष के 617 बच्चों ने स्कूल को छोड़ दिया है। रुआर अभियान 10 मई तक चलाया जाएगा. जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र अगले 2 से 3 वर्ष में आदर्श बनाए जाएंगे.

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